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इस फल को कहां कहा जाता है माधोपुर की फैक्ट्री, माधोपुर की फैक्ट्री, शहर की फैक्ट्री में मची धूम


मोहित शर्मा/करौली. बम के मौसम की शुरुआत के साथ ही अमारूद नाम का एक खास फल आना शुरू हो जाता है। इस मौसम में किस व्यक्ति की चाहत हर उम्र का व्यक्ति है। इन दिनों करौली शहर के बाजारों में सेब जैसी आबादी का आकार भारी मात्रा में आ रहा है। शहर के बाजार में सेब के समान दिखने वाला यह अमरूद माधोपुर की मिठाई के नाम से बिक रहा है। इसका स्वाद इतना जबरदस्त है कि भूकंप के मौसम की शुरुआत के साथ ही करौली शहर में हर रोज इस अमरूद के 50 से 60 के होटल की तरह हो रही है। आकार में ऊपर से सेब जैसा, भीतर से मिश्रण से भरपूर और तो और कई अमरूद का तो रंग भी भीतर से गुलाबी नाली के कारण शहरवासी इसे रोजान भी काफी पसंद कर रहे हैं।

अमरूद के फुटकर व्यापारी रामचरण साहू का कहना है कि ये अमरूद सवाई माधोपुर से भारी मात्रा में आ रहा है। माधोपुर के इस मशहूर अमरूद की कीमत भी बहुत अच्छी है। इसका आकार बिल्कुल सही सेब और फिनिशिंग में भी यह अमरूद सेब जैसा ही होता है। उनका कहना है कि खाने में तो स्वाद मिश्रण से लेकर बहुत ही शानदार होता है।

एक अमरुद का वजन 300 से 400 ग्राम
इधर, शुरुआती सीजन में ही सवाई माधोपुर का यह अमरूद भाव में सस्ते आवास के कारण भारी मात्रा में बिक रही है। फुटकर व्यवसायी नसीम खान के अनुसार, शहर के बाजार में यह 20 से ₹40 किलो तक बिक रहा है। सबसे शानदार क्वालिटी में यह अमारूद ₹40 बच्चों में, छोटी क्वालिटी में ₹30 बच्चों में और इसके डैमेज माल में ₹20 बच्चों के हिसाब से धड़ल्ले से बिक रहा है। वहीं, फल मंडी के थोक व्यापारी इंडस्ट्रीज खान का कहना है कि आकार में ये अमरुद बिलकुल वैसा ही आ रहा है। वजन में इस अमरूद का एक टुकड़ा ही 300 से 400 ग्राम का रहता है. जो शहर की फल मंडियां राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले से आ रही हैं।

प्रतिदिन 50 से 60 यूक्रेन के होटल

उनका कहना है कि समुद्र तट की शुरुआत में ही इस अमरूद का नाव में आना शुरू हुआ था। ठोके के बाप में 15 से 20 रुपये की रकम और फुटकर में 30 से 40 रुपये की रकम शहर के बाजार में बिक रही है। जानकारी के अनुसार पिछले साल के कॉलेज इस साल भी इस अमरूद का भाव एवरेज से वही चल रहा है। ऑस्ट्रेलियन्स खान के अनुसार करौली शहर में इस अमरूद की रोजाना 50 से 60 की संख्या में होटल हो रही है। खान का कहना है कि यह अमारूद की सबसे बड़ी वनस्पति है। इस अमारूद का 10% हिस्सा अंदर से सफेद के साथ-साथ गुलाबी भी है। यही कारण है कि इस नाव में अमारूद की आबादी भारी मात्रा में आ रही है।

टैग: खाना, भोजन 18, करौली समाचार, स्थानीय18, राजस्थान समाचार



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