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देवउठनी ऑक्सिडिटी में पुनर्स्थापन का सबसे बड़ा महत्व, ऐसे करेंगे पूजा तो नहीं होगी औषधियों की कमी


लक्षेश्वर यादव/जांजगीर चांपा: देवउठनी एकादशी व्रत का त्यौहार आज पूरे देश में मनाया जा रहा है। देवउठनी ब्रह्माण्ड यानि आज के दिन से मंगल कार्य की शुरुआत होगी। आपको बता दें कि इस त्योहार में ढांचा का विशेष महत्व माना जाता है। यह देवउठनी एकादशी का त्योहार अधूरा माना जाता है। वहीं जांजगीर-चांपा में भी ट्रैक्टर बाजार का कारोबार चल रहा है।

देव उठानी एकादशी व्रत पूजा में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के साथ ही तुलसी चौरा के ऊपर के हिस्से में भगवान शालिग्राम और माता तुलसी का विवाह कर पूजा करने की परंपरा है। इस देवउठनी एकादशी के त्योहार के साथ ही हिंदू परंपरा, विवाह विवाह जैसे शुभ पारिवारिक और सामाजिक आयोजनों की शुरुआत होती है।

बबूल का बाज़ार सजा
जांजगीर शहर में सभी चौक चौक में खेत बिक रहे हैं। लेकिन आर्किटेक्चरल चौक में घटिया मोटे और सीमेंट प्लांट का बाजार लग गया। यहां भारी मात्रा में सफेद और लाल रंग का रेस्टोरेन्ट आया है। बेच रहे अरविंद कुमार ने बताया कि जांजगीर जिले के आस-पास के गांव शिवरीनारायण, कर्णौद, बम्हनीडीह, सोथी में किसान खेती की खेती करते हैं, हम यहां से खरीद कर लाते हैं।

यहां मिल रहे कपड़ों के सबसे सस्ते गर्म कपड़े, 300 रुपए में लेकर रवाना हुए कंबल-रजाई

भैंस की कीमत जानें
अरविंद कुमार ने बताया कि इस साल बंगले की कीमत 20 रुपये से 30 रुपये तक बिक रहे हैं और दामों में 200 रुपये से 250 रुपये तक बिक रहे हैं। यहां जांजगीर शहर के आस-पास के गांवों के लोगों द्वारा पूजा पाठ के लिए खरीदारी कर ले जाया जाता है। जांजगीर में अगर भी कोई अच्छा स्टॉक है तो जांजगीर के रेस्तरां चौक में आपको फार्महाउस का बाजार लगता है

टैग: छत्तीसगढ़ समाचार, धर्म आस्था, भगवान विष्णु, धर्म 18



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