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ना हो मौत पर…अपनाएं राजन जी महाराज के ये टिप्स, जरूर मिलेगी सफलता


शशिकांत इज़्ज़त/पलामू. सुप्रसिद्ध परमपूज्य राजन जी महाराज की एक प्रसिद्ध कथा है, जो अपनी कथा से लोगों का मन मोह लेते हैं। वो भोजपुरी और मैथिली भाषा में भक्ति गीत भी गाते हैं। ये प्रेममूर्ति पूज्य संत श्री प्रेमभूषण जी महाराज के शिष्य हैं। झारखंड के पलामू जिले में आयोजित एक शाम राम नाम कार्यक्रम में राम कथा सुनने आये हैं. उन्होंने कहा कि जीवन को सार्थक बनाने के लिए हर पीढ़ी के लोगों को अध्यात्म से जोड़ना जरूरी है।

सुप्रसिद्ध कथा वाचक राजन जी महाराज ने लोकल 18 को बताया कि युवाओं में भी अध्यात्म को लेकर सकारात्मक विचार का संचार हो रहा है। उनकी कथा के दौरान होटल में 30 से 35% युवा रहते हैं, जो वो कहते हैं नहीं बल्कि अपने जीवन में आत्माशासित करते हैं। कई युवा उन्हें अपना आदर्श भी मानते हैं। यदि मनुष्य जीवन को श्रेष्ठ बनाना हो तो भगवान के चरित्र का अवलोकन एवं श्रवण अवश्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भगवान द्वारा मानव जीवन में मिले श्रमिकों को शत प्रतिशत देना चाहिए। जिससे आपका सफल जीवन बनता है।आध्यात्म से सभी जीव और सनातनी जुड़े हुए हैं। कथा श्रवण से आपको यह पता चलेगा कि यह कथा आपके जीवन पर आधारित है। अध्यात्म आपके जीवन की दुर्गुणता को दूर करके सद्गुण का प्रकाश प्रदान करता है।

सफलता के भी दिए गए टिप्स
उन्होंने कहा था कि आपके जीवन में किसी भी कार्य के लिए शत-प्रतिशत मेहनत करने के बाद भी सफलता नहीं मिल रही है, तो निराशा या निराशा न हो। बल्कि ये अंदेशा कि वो काम आपके लिए नहीं बना है। उस काम के अलावा आप उस काम को करें जिसमें आपकी रुचि हो। तभी आप सफल हो सकते हैं। निश्चित ही आप सफलता प्राप्त करेंगे। भगवान भी हर मनुष्य के जीवन में एक न एक अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि अध्यात्म से दूर होना ही कारण है। जिससे बढ़ने से लोग अध्यात्म से दूर हो जाते हैं। आरक्षण समाप्त करने का एक ही रास्ता है सत्संग, कथा श्रवण। इससे आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

पलामू में दूसरे राज्य राजन जी महाराज
उन्होंने बताया कि वो पलामू दूसरी बार आए हैं। वर्ष 2020 में भी छतरपुर में विजय तारा होटल के उद्घाटन समारोह में तीन दिव्य कथा वाचन की थी। उसके बाद इसी साल एक दिव्य कारक्रम होटल में आया। राजन जी महाराज गुरुवार के दिन एक दिव्य कार्यक्रम में शिष्यों को राम कथा का रसपान कराएंगे।

बंगाल में रहने वाले हैं राजन जी महाराज
सुप्रसिद्ध कथा वाचक राजन जी महाराज पश्चिम बंगाल के कोलकाता में रहने वाले हैं। जन्म के बाद से ही उनकी अध्यात्म में रुचि बढ़ने लगी। असल में उनका नाम राजन तिवारी है. प्रारंभिक प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से हुई है। ग्रेजुएशन उन्होंने केमेस्ट्री ऑनर्स से किया था। इसके बाद एक कंपनी में उनकी नौकरी लग गई. हालाँकि वो वर्ष 2001 में प्रेममूर्ति पूज्य संत श्री प्रेमभूषण जी महाराज के सानिध्य में आये थे। इसके बाद वो कथावाचक बन गए। अपने शहर कोलकाता से उन्होंने वर्ष 2011 में कथा वाचन की शुरुआत की। उनका परमसिद्ध भजन सीता राम सीता राम सीता राम कहिए आज भी प्रसिद्ध है।

होटल के उद्घाटन में सुनाएंगे कथा
होटल के प्रोपराइटर प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड में ये पहला राजस्थानी डिजाइन वाला करीब 2 एकड़ का होटल है। इसमें बैटरी, रिजॉर्ट और लॉन का निर्माण किया गया है। जिसके उद्घाटन के लिए राजन जी महाराज की कथा का आयोजन किया गया है। यह बिहार और झारखंड का सबसे बड़ा होटल है।

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