
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच फिनलैंड के हमले।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच सैकड़ों लोग बिना वीर-पासपोर्ट के फ़िनलैंड तक पहुँच गए। इनमें कई देशों के लोग शामिल हैं। इस घटना के बाद यूरोपीय संघ को रूसी हाथ लगने का शक है। यूरोपीय संघ को खतरा है कि रूस ने किसी गहरी साजिश के तहत ऐसा अभियान चलाया होगा और उसने ही फिनलैंड में बड़ी संख्या में आव्रजकों को भेजा होगा। यूरोपीय संघ (ईयू) की सीमा एजेंसी ने कहा है कि वह फिनलैंड में अधिकारी और साजो सामान भेजागा। ताकि फ़िनलैंड अपनी सीमा की रक्षा कर सके।
यूरोपीय संघ (ईयू) की एजेंसी ‘फोरटेक्स’ ने उनसे कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि सीमा सुरक्षा से जुड़े 50 अधिकारी, अन्य कर्मचारी और अन्य साजो सामान अगले सप्ताह तक भेजे जाएंगे। फ़िनलैंड में अगस्त से अब तक बिना वैध वज़ीर और दस्तावेज़ के अफगानिस्तान, इराक, सीरिया, यमन, केन्या, मोरक्को और सोमालिया के 800 से अधिक अव्रजक क्षेत्र हैं। सिर्फ नवंबर के महीने में ही बुधवार से 700 से ज्यादा अवेयरनेस आ गई हैं।
फिन लैंड के ने सुरक्षा पर कही ये बात
फ़िनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो ने संसद में अपनी रिपोर्ट में कहा कि ”सीमा सुरक्षा में गंभीर कमी है” जिससे 56 लाख की आबादी वाले देश की राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा, ”फ़िनलैंड को प्रभावित नहीं किया जा सकता, फ़िनलैंड को स्थिर नहीं किया जा सकता। रूस ने इसकी शुरुआत की और रूस ने इस पर रोक भी लगा दी। रविवार को देश की सीमा सुरक्षा से जुड़े सैनिकों और सैनिकों ने रूस के साथ मिलकर लंबी सीमा पर कुछ जगहों पर कंटीले स्थान की बाड़बंदी की, साथ ही ब्लॉक किया। फ्रंटएक्स के कार्यकारी निदेशक हंस लीजटेंस ने कहा कि साजो सामान और सैनिकों की सीमा पर ”यूरोपीय संघ के खिलाफ एक सदस्य देश को प्रभावित करने वाली चुनौती को दर्शाया गया है।” (पी)
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