निखिल स्वामी/बीकानेर. अंतिम दर्शन के साथ ही खान पान में भी बदलाव आया है। मिठाई के शौकीन लोगों के लिए स्वाद के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। विवरण में एक ऐसी मिठाई है, जिसके स्वाद के दीवाने तो देशी और विदेशी सैलानी हैं और इस मिठाई को खाने से सेहत भी ठीक रहती है और शरीर में कई तरह के फायदे होते हैं। हम बात कर रहे हैं “सर्दी का मेवा” जो एक प्रमुख डॉक्युमेंट्री लोध है। यह न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि ऊर्जा से भी भरपूर है। यह पारंपरिक भारतीय मिठाइयाँ तीखा मेवों और नट्स के मिश्रण से बनी होती हैं, जिनमें विटामिन, खनिज, प्रोटीन और स्वस्थ वसा की प्रचुरता होती है।
महानुभाव जोरावर सिंह ने बताया कि यह डॉल्स स्टूडियो लड्डू की मिठाई है। इसमें बादाम, काजू, किसमिस, खजूर, नारियल समेत कई डॉलचर्स डाले गए हैं। इस मिठाई में आटा का उपयोग नहीं होता है, और इसे व्रत में भी खाया जा सकता है। यह मिठाई बाजार में 480 रुपये प्रति किलो की कीमत पर जा रही है। इसे तैयार होने में लगभग दो घंटे का समय लगता है, लेकिन सभी हथकंडों को काटने में समय ज्यादा लगता है।
इस मिठाई को खाने से मिलते हैं कई तरह के फायदे
डॉ. निधि खत्री के अनुसार, ग्लूटेकर्स लोध को खाने से कई तरह के फायदे हो सकते हैं। अल्कोहल ग्रोथ से इस मिठाई का सेवन करने वाले बॉडी टेंपरेचर को मेंटेन करके रखने से मदद मिल सकती है और बीमारी बढ़ाने की क्षमता को बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। बादाम, काजू, पिस्ता, और मूंगफली होने से शरीर में प्रोटीन की आपूर्ति होती है और इसमें मौजूद किसमिस, खजूर, और खुम्बानी जैसे किशोर मेवे एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो पाचन क्रिया को मजबूत करते हैं और कब्ज में सहायक हो सकते हैं।
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पहले प्रकाशित : 25 नवंबर, 2023, 06:01 IST
