अनूप/कोरबाः अगहन मंथ, जिसे मार्गशीर्ष भी कहा जाता है, भगवान नारायण के लिए अत्यंत प्रिय है। इसी कारण भगवान नारायण के अवतार, भगवान कृष्ण ने गीता उपदेश में अर्जुन से कहा है, “बृहत्साम तथा समनान्गाय छंदसमाहम्।” मासानां मार्गशीर्षोऽहमृतूनां कुसुमाकरः।।” जिसका अर्थ है, हे अर्जुन, मैं मार्गशीर्ष मंथ हूं, जो ऋतुओं के राजा कुसुमाकर (फूलों का संग्रह करने वाला) है और इसमें बृहत्साम और सामग्रंथियों के छंदों का समावेश है। इस माह में हर गुरुवार को भगवान नारायण की पूजा करने से सभी का मन प्रसन्न होता है। इस विषय पर हमारे यहां ज्योतिषाचार्य पंडित मेरठ स्टूडियो से बातचीत की है।
ज्योतिषाचार्य पंडित और पुरातत्वविद् ने बताया कि इस वर्ष अगहन माह की शुरुआत 28 नवंबर से 26 दिसंबर तक हो रही है। इस अवधि में चार गुरुवार हैं, जिनमें भगवान नारायण की पूजा का विशेष विधान है। इस दिन भगवान नारायण की पूजा करने से सभी मन प्रसन्न होते हैं। छत्तीसगढ़ में अगहन गुरुवार की पूजा बहुत प्रचलित है, जिसमें हर घर में भगवान नारायण की पूजा की जाती है।
इस महीने में भगवान नारायण के साथ केले के पेड़ की भी पूजा की जाती है। सुबह नहा धोकर व्रत का संकल्प करें और स्वच्छ पीले वस्त्र धारण कर भगवान नारायण की पूजा करें। इस दिन विशेष रूप से केले के पेड़ या भगवान नारायण को पीली वस्तु का अर्पण करें। चने की दाल से भगवान नारायण को चड़ाएं, जिससे आपके सभी मन पूरी तरह से संतुष्ट होंगे।
आने वाले अगहन माह में, जिसमें कुल चार गुरुवार पड़ रहे हैं, गुरुवार के दिन का विशेष महत्व होता है। ज्योतिषाचार्य ने बताया है कि 28 नवंबर से शुरू होने वाला अगहन महीना 26 दिसंबर तक चलेगा। इस बीच, चार गुरुवार हैं,प्रासंगिक महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:
1) 30 नवंबर 2023 (गुरुवार): इस दिन गुरुवार की पूजा का विशेष महत्व है, और इसे भगवान विष्णु या बृहस्पति की कृपा प्राप्त करना आदर्श माना जाता है।
2) 7 दिसंबर 2023 (गुरुवार): इस दिन को ‘गोवत्स द्वादशी’ भी कहा जाता है, जिसमें गौ माता की पूजा की जाती है। यह दिन गौवंश के प्रति श्रद्धाभाव रखने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है।
3) 14 दिसंबर 2023 (गुरुवार): इस दिन को ‘विष्णुपदी’ भी कहा जाता है और इसे भगवान विष्णु की पूजा के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
4) 21 दिसंबर 2023 (गुरुवार): इस दिन को ‘अगहन षष्ठी’ कहा जाता है, और इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। इस दिन उनकी कृपा से दुष्टों का नाश होता है।
इस समय चार गुरुवार को भगवान नारायण की पूजा करना विशेष महत्वपूर्ण होता है, और इस समय आपके मन को पूरा करने के लिए अद्वितीय हो सकता है।
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पहले प्रकाशित : 26 नवंबर, 2023, 06:01 IST
