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पंजाब में पीएम मोदी की सुरक्षा में नाकामी को लेकर एक एसपी, 2 बिजनेसमैन समेत 7 लोग।
पिपरियापुर के ऑर्केस्ट्रा स्कॉर्पियो गुरु अनुसंधानकर्ता सिंह सांगा
गुरु वकील सिंह सांगा इस समय बठिंडा जिले में एसपी के रूप में थे।
चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने 5 जनवरी 2022 को मैजिकपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (पीएम नरेंद्र मोदी) की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा भंग (सिक्योरिटी ब्रीच) के मामले में एक एसपी, दो पिपरी समेत 7 लोगों को शामिल किया है। 5 जनवरी 2022 को प्रधानमंत्री चौधरीपुर में हो रही एक रैली में शामिल होने के लिए जा रहे थे, उसी रास्ते पर किसानों ने अनशन से रास्ता रोक लिया था। जिसके चलते प्रधानमंत्री को रास्ते में ही रुकना पड़ा। अब इस मामले में अर्थशास्त्रीपुर के स्टूडियो एसपी गुरु अयामी सिंह सांगा, निकोलस पर्सन सिंह, स्टॉकहोम जगदीश कुमार, इंस्पेक्टर तेजिंदर सिंह, बल अध्यापिका सिंह, मित्र सिंह और अध्येता राकेश कुमार को शामिल किया गया है।
पंजाब गृह विभाग की ओर से जारी एक आदेश के अनुसार गुर अयामी सिंह सांगा इस समय बठिंडा जिले में एसपी के रूप में थे। किसी भी विद्युत प्रभाव को निलंबित कर दिया गया है। 5 जनवरी, 2022 को प्रधानमंत्री मोदी का काफिला चॉकलेटपुर में कट्टरपंथियों की नाकेबंदी के कारण एक आदर्शओवर में फंस गया था। जिसके बाद वह रैली में शामिल होकर किसी भी कार्यक्रम में शामिल होकर बिना पंजाब से लौट आईं। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सुरक्षा उल्लंघन के कारण एक बड़ा राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था। निलम्बन आदेश के अनुसार घटना 18 अक्टूबर, 2023 की एक रिपोर्ट पुलिस गोदाम (डीजेपी) ने पेश की थी। जिसमें राज्य पुलिस प्रमुखों ने कहा था कि सिंह ने अपना कर्तव्य ठीक से नहीं निभाया है।
पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में गड़बड़ी के मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की ओर से की गई, जिसमें राज्य के कई अधिकारियों को दोषी ठहराया गया। कहा गया था कि इन तस्वीरों को ‘एकतरफ़ा जांच’ के लिए हटाया नहीं जा सकता है क्योंकि उन्हें ‘न्यायिक रूप से स्वतंत्र दिमाग की पढ़ाई’ की ज़रूरत है।
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वैज्ञानिक है कि नरेंद्र मोदी 5 जनवरी, 2022 को चॉकलेटपुर के हुसैनीवाले जा रहे थे। वह 5 जनवरी की सुबह बठिंडा में उतरे जहां से उन्हें हुसैनीवाला द्वारा राष्ट्रीय शहीद स्मारक में जाना था। हालाँकि ख़राब मौसम के कारण प्रधानमंत्री को सड़क मार्ग से हटा दिया गया। हुसैनीवाला में राष्ट्रीय शहीद स्मारक से करीब 30 किमी. दूर जब उनका काफिला एक वॉलीओवर पर पहुंचा तो पता चला कि स्ट्रीट कुछ सुपरस्टार ने ब्लॉक कर रखा है। 15-20 मिनट से ज्यादा समय तक तानाशाह की नाकेबंदी के कारण 15-20 मिनट से ज्यादा समय तक मोदी का काफिला। इसके बाद वह बिना किसी कार्यक्रम के रैली में शामिल होकर पंजाब से लौट आईं। जनवरी 2022 में कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के मुख्यमंत्री थे और इस घटना को प्रधानमंत्री की सुरक्षा में एक बड़ी गलती के रूप में देखा गया था।
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पहले प्रकाशित : 26 नवंबर, 2023, 09:21 IST
