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धड़कते अंगारों के बीच खास साधारण कृति तैयार होती है ये तंदूरी चाय, चुस्की लेते ही बन जाएंगे आप दीवाने


सत्यम कटियार/फर्रुखाबाद: अगर आप चाय के शौकीन हैं तो फर्रुखाबाद में एक ऐसी दुकान है जहां पर मूर्तियों से लेकर भव्य तंदूरी चाय की दुकानें हैं। ऐसी स्पेशल चाय चुस्की मर्चेंट से ही आप इस चाय के दीवाने हो जायेंगे। वैसे तो चाय सिरप में काफी पसंद की जाती है. वहीं इस चाय की नाव और अन्य को बढ़िया से तैयार करके चाय में डाला जाता है। जिससे चाय में एक अलग ही स्वाद आता है। यहां पर सैकड़ों लोग यहां चाय का स्वाद लेने के लिए पहुंचते हैं।

फर्रुखाबाद के मिशन कंपनी फाउंडेशन के पास तंदूरी चाय के नाम से मशहूर इस दुकान की चाय पूरे जिले में मशहूर है। वंडर्स वर्जिन ने बताया कि उनकी चाय 25 रुपये प्रति कुल की रेट से बिकती है। इस चाय में वह कई प्रकार के कोलैमीरी, लौंग, पियानो भी शामिल हैं। जिससे स्वाद भी मजेदार आता है. वहीं प्रतिदिन बिक्री के हिसाब से लगभग 150 से 200 कुलहड़ तक की बिक्री हो जाती है। जिस प्रकार यहां बिक्री होती है उसके हिसाब से प्रतिदिन तीन से चार हजार रुपये की प्रतिदिन बचत हो जाती है। वहीं महीने में साठ हजार रुपये की घोषणा हो जाती है।

तंदूरी चाय बनाने के लिए सबसे पहले मिट्टी के बर्तन को तंदूर की चटनी में अच्छे से गर्म करने के लिए रख दिया जाता है. जब यह मिट्टी का पात्र बढ़िया से लाल रंग का दिखाई देता है तो यह पूरी तरह से गर्म हो जाता है। वहीं दूसरी ओर दूध में एक खास अनुपात में मसाला को आधा चाय का मसाला दिया जाता है। इसके बाद इसमें शामिल है, काली मिर्च के साथ-साथ अन्य खाद्य पदार्थ भी मिलाये जाते हैं। कुछ देर बाद जब चाय अच्छे से पक जाती है तो इसे सरलता से कम करना अच्छा लगता है। इसके बाद एक मिट्टी में मिट्टी के कुल्हड़ को बनाने वाली चाय धीरे-धीरे-धीरे-धीरे डाली जाती है। जब अच्छे से कुल्हड़ में चाय पैक कर तैयार हो जाता है तो उसका स्वाद भी बढ़ जाता है। तो दूसरी ओर चाय में मिट्टी का सुगंध और सोया का स्पेशल जायका भी है। अब धधकते अंगारों के बीच तंदूर से तैयार हो गई है चाय।

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पहले प्रकाशित : 26 नवंबर, 2023, 13:57 IST



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