
हमास के बचपन से छूटने के बाद उसके परिवार के साथ इजरायली बंधक।
आज इजराइल-हमास युद्ध का 51वां दिन है और युद्ध स्मारक का तीसरा दिन है। युद्ध युद्ध नाटक के दूसरे दिन हमास ने शनिवार देर शाम 13 इजराइली और 4 विदेशी बंधकों समेत 17 लोगों को रिहा किया है। मगर हमास ने इन बंधकों की रिहाई को शाम तक रोके रखा और इजराइल पर युद्ध का आरोप लगाया। इसके बाद इजरायली सेना ने भी 1 बंधक पर 3 फिलीस्तीनियों की रिहाई पर रोक लगा दी। इससे हमास को लगा कि वह गच्चा खा गया। देर रात तक चले इस नाटकीय घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव में हमास और इजराइल ने एक दूसरे के बंधकों को रिहा कर दिया।
हमास ने शनिवार को इजराइल के साथ युद्ध के दौरान 13 इजराइली और चार विदेशी बंधकों को छुड़ाया। हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को इजराइल में फलस्तीनी कैद की अदला-बदली के दूसरे दौर के तहत इन बंधकों को छुड़ाया गया है। सेना ने कहा कि ‘रेड क्रॉस’ के व्यापारियों ने शनिवार देर रात मिस्र में बंधकों को छुड़ाया। उनके बाद शाम को इजराइल ले जाएंगे। घर पहुंचने के बाद अपने परिवार से मिलने पर ही बंधकों की आंखों में खुशी और अवसाद के बादल छा गए। माता-पिता अपने बच्चों से और बच्चे अपने माँ-बाप से मिलकर गदगद थे। क्योंकि सबने एक दूसरे से मिल की डिटेल तोड़ दी थी।
हमास ने इजराइल पर लगाया प्रतिबंध उल्लंघन का आरोप
हमास ने इजराइल पर युद्ध विराम के वैश्वीकरण के उल्लंघन का आरोप लगाया, बंधकों की रिहाई के लिए कई घंटे तक की रैली की, जिसके कारण श्रमिक समूह का जन्म हुआ, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय वैश्वीकरण के प्रतिरोध से इस गतिरोध को समाप्त कर दिया गया: दूर कर दिया गया। हमास ने सात अक्टूबर को इजराइल पर गाजा पट्टी पर हमला कर करीब 240 लोगों को बंधक बना लिया था, जिसके बाद इजराइल ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए गाजा पट्टी पर हमला कर दिया। इजराइल और हमास के बीच चार दिव्य युद्ध के दौरान कुल 50 बंधकों और 150 फलस्तीनी सिक्कों को छुड़ाया गया था। (पी)
