शशिकांत ओझा/पलामू. ठंड का मौसम आते ही पृथ्वी के साथ कई बीमारियों का सिलसिला जारी रहता है। इस मौसम में लोगों को अपनी खास प्राथमिकता देने की जरूरत होती है। ऐसे में भाषा जहां मेडिकल में स्ट्रोक कहा जाता है। उसकी संभावना बेहद बढ़ जाती है। अमूमन ये बीमारी बुजुर्गों के होने की सबसे ज्यादा होती है. जिसमें शरीर का एक अंग काम करना बंद कर देता है।प्रसिद्ध डॉक्टर से जानें बीमारी से बचने के उपाय
पलामू मंडल के मनोचिकित्सक डॉ. रविश कुमार ने लोक 18 को बताया कि किस्ट्रोक एक गंभीर बीमारी है। जो की जन्मतिथि भी हो सकती है। तीन दिन में स्ट्रोक होने की संभावना बहुत अधिक होती है। क्योंकि ठंड बढ़ने से शरीर के नस की समस्या होती है।जिससे ब्लड प्रेसर बढ़ता है। यह बीमारी वृद्धावस्था में और पी वाले पेसेंट होने की संभावना होती है। ठंड के मौसम में 60 वर्ष से अधिक की आयु में लोगों को जोखिम रहता है। वहीं बीपी, शुगर, शराब और नशा पान करने वाले लोग, महिलाओं में ओरल कंट्रास्टिक पिल्स लेने वाली औरतें होती हैं. इसलिए ठंड के दिनों में लकवा से बचने के उपाय करना चाहिए। लकवा हो जाने के बाद इंसान का वो हिस्सा जहां लकवा हुआ हो वो काम करना बंद कर देता है।
बीमारी की पहचान कैसे करें
उन्होंने इसे मेडिकल भाषा में \”फास्ट\” से पहचानना बताया। एफ का मतलब है चेहरा टेढ़ा होना, शरीर का कोई अंग काम करना बंद कर दे, एस आवाज में कमजोरी या कमजोरी होना। ऐसा किसी के साथ हो रहा हो तो उसे तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत है। जाए तो इससे बचा जा सकता है। इसी समय पर डॉक्टर से सलाह लें.
इन बातों का खास खास नुस्खा
लकवा 60 से अधिक उम्र के लोगों को होने की संभावना है.ऐसे में लोगों को प्रोपर इन्सटॉमिनेशन लेने की जरूरत है.वही बीपी प्रतिशत समय पर दवा ले. नशा करने वाले ने यह छोड़ दिया।चीनी का पता लगाने वाले रहते हैं।वहीं चीनी होने पर उसका दावा लेते रहे।बढ़ती ठंड को देखते हुए अपनी पहली पसंद गर्म कपड़े पहने रहे।
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पहले प्रकाशित : 27 नवंबर, 2023, 09:55 IST
