शाश्वत सिंह/झाँसी। लोगों की बीमारी तेजी से बढ़ती जा रही है। वर्कर्स जिसे आम भाषा में शुगर की बीमारी भी कहा जाता है .लगातार लोग अपना शिकार बना रही हैं। इस बीमारी से जुड़ी कई ऐसी बातें भी हैं जिन पर विश्वास करना थोड़ा मुश्किल होता है। ऐसी ही एक बात है कि ग्राहकों के पास चीनी की जगह पर गुड़ खाया जा सकता है या नहीं। इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए हमने बात की है कि वे किस स्थान पर स्थित हैं प्रयोगशाला आयुर्वेदिक कॉलेज की डॉक्टर प्रीति सागर से।
डॉ. प्रीति सागर ने कहा कि सहकर्मियों के रोगी को यह बात बिल्कुल सही लगती है कि जब गुड़ शुद्ध मिलता है। लेकिन, आज के समय में शुद्ध गुड प्राप्ति दूर की बात हो गई है। इनमे तो जो अच्छा है वह चीनी से भी ज्यादा घातक हो गया है। इसलिए गुड़ खाने से लेबल ही लगाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ‘सवर्स लाइफस्टाइल’ के कारण से होने वाली बीमारी है।
डॉ. प्रीति सागर ने कुछ जरूरी बातें बताईं, जिनके कारण लोग बेरोजगार हो रहे हैं।
प्रोपर डायट ना लेना : आज के समय में लोग प्रोपर्टी मौजूद नहीं रखते हैं। खाने में सभी प्रकार के विटामिन और अवशेषों का मिश्रण ना होने से कुछ तत्वों की कमी रह जाती है जिसके कारण से गर्मी हो जाती है।
जीवन शैली ख़राब : आधुनिक समय में लोगों की स्टाइल स्टाइल भी खराब होती जा रही है। लोगों के सोने और जागने का कोई समय तय नहीं है। इस वजह से ग्राहक भी नहीं कर पाते हैं. इसका कारण यह भी है कि लोग परेशानियों के मरीज़ होते जा रहे हैं।
शरीर में कफ : शरीर में कफ का अधिक मात्रा में सेवन करना भी इसका कारण हो सकता है। इसका इलाज आयुर्वेद में संभव है। अगर लोगों को शरीर में कफ ज्यादा बनता है तो वह आयुर्वेदिक डॉक्टर से जरूर मिले।
प्रदूषण : तेजी से सिगरेट जलाने से भी श्रमिकों की बीमारी का कारण बन गया है। शुद्ध हवा की कभी भी इस बीमारी को बढ़ावा मिलता है।
शारीरिक रूप से सक्रिय ना रहना: लोगों के लिए शारीरिक रूप से सक्रिय ना होना भी आफत बन रहा है। यह भी इंटरनेट का कारण बनता जा रहा है.
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पहले प्रकाशित : 01 सितंबर, 2023, 21:55 IST
