उत्तर
इसे सुबह की महिमा भी कहा जाता है क्योंकि यह सुबह-सुबह खेली रहती है।
आयुर्वेद में इसका उपयोग कई दवाओं से किया जाता है।
शंखपुष्पी के फायदे: जिस तरह के नाम में यह अलौकिक अलौकिक है, उसी तरह के काम में यह अमृत के समान है। जी हाँ, शंखपुष्पी शरीर के हर अंग पर ऐसा प्रभाव डालती है कि यह अमृत तुल्य बन जाती है। शंखपुष्पी के पुष्प शंख की तरह होते हैं। इसे सुबह की महिमा भी कहा जाता है क्योंकि यह सुबह-सुबह खेली रहती है। आयुर्वेद में इसका उपयोग कई दवाओं से किया जाता है। आमतौर पर लोग शंखपुष्पी को याददाश्त तेज करने वाले होते हैं लेकिन शंखपुष्पी कई उपचारों में सहायक होती है। आयुर्वेद में इसे पित्त, वात और कफ दोष औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है। शंखपुष्पी को लेकर कई शोध भी हो चुके हैं जिनमें इसके कई गुणों के बारे में जानकारी मिली है।
शंखपुष्पी के अद्भुत फायदे
1.दिल के लिए रामबाण-मानकी जर्नल में छपी रिपोर्ट के अनुसार शंखपुष्पी हाई ब्लड सप्लाई को बहुत जल्दी कम कर देता है। शंखपुष्पी हार्ट एसोसिएटेड कई तरह के खतरे को भी कम करती है। शंखपुष्पी में एथेनॉलिक एसिड पाया जाता है जो कि यौगिक एसिड को कम करता है। इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट ब्लॉक, आर्टरीज में ब्लड क्लॉट का खतरा बहुत कम होता है।
2. दिमाग के लिए टॉनिक-हालाँकि शंखपुष्पी के नाम से बनी गोली, पाउडर, सिरप भी बाजार में उपलब्ध हैं और इसी उद्येश्य के इस्तेमाल से दिमाग तेज होता है। लेकिन शोध में यह भी प्रमाणित किया गया है कि शंखपुष्पी का सेवन याददाश्त को तेज करता है। शंखपुष्पी में एंटीऑक्सिडेंट्स और फ्लेवेनोएड्स कंपनी होते हैं जो सेंट्रल नर्वस सिस्टम को उद्दीपित करते हैं। इससे संबद्धता क्षमता में वृद्धि होती है। यही कारण है कि शंखपुष्पी के सेवन से मानसिक थकान भी दूर होती है। यानी शंखपुष्पी दिल के साथ-साथ दिमाग के लिए भी टॉनिक का काम करती है।
3.एंग्जाइटी-डिप्रेशन से राहत-शंखपुष्पी तन के साथ-साथ मन भी ठीक होता है। शंखपुष्पी में एंटी-स्ट्रेस, एंटी-डिप्रेसिव, एंटी-एंग्जाइटी गुण होते हैं। यह हर तरह के मनोवैज्ञानिक दबाव के कारण उपजी स्थिति में बहुत मददगार है। शंखपुष्पी में मस्तिष्क में केमिकल न्यूरोट्रांसमीटर डोपामाइन को संतुलित करता है जिससे सेरोटोनिन और कोर्टिसोल हार्मोन कम हो जाता है और मस्तिष्क में स्थिरता बनी रहती है।
4. त्वचा के लिए भी बेनिटिट-इन्फेक्शन से लड़ाई में शंखपुष्पी बेहद शक्तिशाली उपकरण है। शंखपुष्पी में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शंखपुष्पी से फ्री रेडिकल्स को बाहर निकालते हैं। फ्री रेडिकल्स के नमूने अलग-अलग प्रकार के होते हैं और त्वचा में कई प्रकार के रोग होते हैं। इसलिए शंखपुष्पी का सेवन दाद, खाज, खुजली, खुजली, सनबर्न, सोरोसिस जैसी लत में खतरनाक होता है।
5. अन्य फायदे-शंखपुष्पी दिल, दिमाग और मूड के अलावा अल्सर, मिर्गी, उल्टी, बुखार, उल्टी, सन स्ट्रोक, ब्लीडिंग, डाइजेशन, अनिद्रा, एनोरेक्सिया, संक्रमण आदि बहुत खतरनाक है। शंखपुष्पी महिलाओं के लिए भी बहुत ही आकर्षक होती है। इस होटल में ज्यादातर ब्लीडिंग को शामिल किया जाता है, साथ ही यह टॉयलेट के लिए भी टॉनिक का काम करता है। शंखपुष्पी और अश्वगंधा को दूध में मिलाकर पीने से गर्भाधान मजबूत होता है और इसके सेवन से गर्भपात का खतरा कम हो जाता है।
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पहले प्रकाशित : 28 नवंबर, 2023, 06:41 IST
