शिखा श्रेया/रांची. ठंड का मौसम आ चुका है और अब सुबह शाम की ठंड देखने को मिल रही है। करना है. ऐसे में अगर आप भी ऐसी ही समस्या से ग्रसित हैं तो एक लोध हर दिन सुबह खाली पेट खाने से आपकी समस्या का समाधान हो सकता है.
दरअसल, हम बात करते हैं मड़वा के लोध की, जिसे रागी का लोध भी कहते हैं। रागी विशेष रूप से झारखंड के ऑनलाइन में अधिक पाया जाता है। यहां के स्थानीय आदिवासी इसकी खेती करते हैं और अपने अनोखे मड़वा को जरूर शामिल करते हैं। आदिवासियों का नाश्ता ही मड़वा का रोटी और सब्जी होती है। लेकिन सिर्फ रोटी ही नहीं, इसमें लोध में भी विटामिन और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। जो जोड़ों के दर्द में काफी आराम देता है।
ऐसा बनता है मड़वा का लोध
मड़वा के लोध बनाती है मड़वा का आटा के बाद रिकॉर्ड्स को नीचे जारी किया गया है और इसमें गुड, पीसा हुआ खजूर, ड्रूजी कोचिंग्स और टू फिजिक्स स्टूडियो गुडमैल से मिलाना है और मिलाने के बाद अपने हाथों से इसे गोल आकार का लोध बना लिया।
उन्होंने आगे बताया कि ठंड के मौसम में हमारे घर में शायद ही कोई दिन हो। जिस दिन घर की महिलाएं या बूढ़े बूढ़े इस दूध का सेवन नहीं करते। शरीर में अगर जोड़ों का दर्द है या कहीं भी दर्द है तो इसमें फोरेन आराम मिलता है। यह लोध हम दवा के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
क्या कहते हैं बस्तियाँ
रिम्स के जनरल फिजीशियन डॉक्टर जेके मित्र ने बताया कि रागी में कई पोषक तत्व और खनिज पाए जाते हैं। जैसे इसमें आयरन और कैल्शियम की मात्रा पाई जाती है। हड्डियों को मजबूत बनाता है और जोड़ों के दर्द में आराम देता है। इसके अलावा इसमें विटामिन ए,बी,सी, विटामिन बी12, मैग्नीशियम, मैग्नीशियम और औषधीय गुण पाए जाते हैं।जो आपके इम्युनिटी सिस्टम को भी मजबूत बनाता है।
लोध सोच समय इन बातों का अंतिम उपाय
डॉक्टर जेके मित्र हैं हालांकि रागी का लोथ काफी स्वादिष्ट है, जोड़ों के दर्द के लिए है। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि इसका अधिक मात्रा में सेवन किया जाए। हर दिन खाली पेट बस एक ही लोथ है। तंत्र में गड़बड़ी हो सकती है. क्योंकि इससे बहुत गर्मी होती है. इससे दस्त, कब्ज, एसिडिटी और शरीर में अधिक गर्मी आना जैसी समस्या से लोग ग्रसित हो सकते हैं।इसीलिए इसका एक से अधिक 1 दिन में सेवन ना करें।
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पहले प्रकाशित : 28 नवंबर, 2023, 10:22 IST
