रूपांशु चौधरी/हजारीबाग. ठंड का मौसम चुकाया गया है. ठंड को देखते हुए कुछ मिठाइयों की डिज़ाइन भी बढ़ गई है। विशेष रूप से वास्तविक मिथ्या भोजन जिसमें से वास्तविक मिथ्या रोग दूर होता है। साथ ही शरीर भी अंदर से गर्म रहता है। इन मिठाइयों में उपयोग होने वाले सामग्री की तासीर गर्म होती है। गांधी मैदान में स्थित मशहूर दुकान मधुमोलिका स्वीट्स में एक ऐसी ही मिठाई काफी मशहूर है। जो खाने वाले लोग दूर से आते हैं। इस मिठाई का नाम है गोल्डन का लोध.
दुकान के संचालक कृष्णकांत सिंह का कहना है कि वह पिछले 22 दिनों से इस मिठाई की दुकान का संचालन गांधी मैदान में कर रहे हैं। उसी समय से यहां बनाई जाती है यह खारी गोंद और अलसी की मिठाई. ठंड के अगले सीज़न के साथ ही इस मिठाई की डिज़ाइन की बिक्री होती है। दूर-दूर से लोग इसकी खरीदारी के लिए यहां आते हैं। कई लोग अपने परिवारजनों के लिए इसे करवा पैक ले जाते हैं।
कृष्णसिंह ने लिखा है कि इस मिठाई की सबसे खट्टी बात यह है कि इस मिठाई में सिर्फ गोंड, अलसी और कई तरह के सिद्धांतों का प्रयोग होता है। इन दोनों की तासीर काफी गर्म होती है। साथ ही इसके कई आयुर्वेदिक फायदे भी हैं। ये शुगर फ्री होती है. जिससे इसे पेशेंट के रूप में सभी लोग शामिल कर सकें। अभी इस मिठाई के दाम 15 रुपये टुकड़े और 600 रुपये किलो हैं।
ऐसे होगी घर पर तैयारी
घी को गर्म करने के लिए गोल्डेन के लोध बनाने के लिए गोल्डेन के तेल का उपयोग करें। जब गोल्डन का रंग गोल्डन ब्राउन हो जाए तो उसे कुछ देर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। फिर मिक्सी में दरदारा पीस लें. उस मूल्यांकन में आटा यांत्रिक भूंज डेम। आटे का रंग जब भूरा होता है तो मसाले में गोंद, काजू, तरबूज के बीज, पिस्ता और बादाम की दाल और अच्छे से बड़े गैस बंद कर दिए जाते हैं। फिर से ग्लोक्यूज़ मिला कर लोध का आकार शामिल है।
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पहले प्रकाशित : 29 नवंबर, 2023, 10:55 IST
