सैमसन/अस्थायी. बेरोजगारी से बचने के लिए योग करने की सलाह दी जाती है। आज भारत ही नहीं बल्कि विश्व के देशों में योग को जोड़ा गया है। योग के नुस्खे हैं, अपना अलग-अलग फ़ायदा शरीर को दिखाने के लिए। यही कारण है कि लगातार योग करने से व्यक्ति का शरीर निरोगी रहता है, रोग शरीर को भी नहीं छूता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अगर योग को अपनी विशिष्टता में शामिल कर लिया जाए, तो शरीर के संबंध भी दूर हो जाते हैं।
असली शरीर में निरोगी रहने के आसान योगासन
आज हम आपको ऐसे ही कुछ आसान योग के आसन बताने जा रहे हैं, जिन्हें आप भी आसानी से अपना सकते हैं। योगासन और उनके वाले फायदों के लिए ‘लोकल होने 18’ में उत्तराखंड के निवासी योगाचार्य विजय प्रकाश जोशी से बात की गई है। उन्होंने हमें योग के आसन और इसके साथ ही होने वाले अभ्यास के बारे में भी बताया है। उन्होंने कहा कि प्राणायाम से पहले योग शुरू करना जरूरी है, जिससे शरीर में आराम आ जाता है। रियल टाइम में सबसे पहले शुरुआत होती है भरस्तिका प्राणायाम से, उसके बाद आता है दूसरा प्राणायाम सूर्यभेदी, उसके बाद आता है कपालभाति, जो नाक के छिद्रों को पूरी तरह साफ करके शरीर में नई ऊर्जा का संचार करता है। फिर शुरू होते हैं योग के आसन. सबसे पहला ताड़ा आसन किया जाता है, जिसमें आपके शरीर को ऊपर की ओर खींचा जाता है। फिर बारी आती है अर्धमक्सेन्द्र आसन की, जिसे देखा जाता है। फिर बारी आती है शीर्षासन या स्वरगंग आसन की। इसके बाद का नंबर आता है भुजंग आसन का, जिसे देखने के लिए बल दिया जाता है। फिर बारी आती है पवनमुक्तासन की. (सभी आसनों को करने के लिए ऊपर दिए गए वीडियो को पूरा देखें।)
आयुर्वेद एवं योग से जुड़ी जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं
विजय प्रकाश जोशी ने कहा कि सभी योगासनों से आप समुद्र में कई अभ्यास कर सकते हैं, जो शरीर को गर्म रखने में मदद करते हैं, वहीं कई दांतों के विकारों को दूर करने में सहायक होते हैं। योगाचार्य विजय प्रकाश जोशी का प्लॉट अपने योग केंद्र में है, साथ ही यहां आयुर्वेदिक पद्धतियों से लोगों का इलाज भी किया जाता है। अधिक जानकारी के लिए आप योगाचार्य से उनके फोन नंबर 9917712188 पर संपर्क भी कर सकते हैं।
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पहले प्रकाशित : 29 नवंबर, 2023, 17:23 IST
