भरत तिवारी/जबलपुर. संस्कारधानी जबलपुर में एक ऐसी जगह है जो नदी के किनारे बनी है। यहां जाने का एकमात्र रास्ता पानी के बीचों से है। इस जगह पर आराम और आराम की अच्छी व्यवस्था दी गई है। यदि आप अपने परिवार के साथ नदी के तटों पर प्रकृति और नज़रों का आनंद लेना चाहते हैं तो आप इस स्थान पर समय-समय पर भ्रमण कर सकते हैं।
जबलपुर संस्कारधानी के अंतर्गत आने वाले जिलेरी घाट में माता नागालैंड के कोख के बीच यह सार्वजनिक सहयोग बनाया गया है। आम तौर पर जब माता का स्तर कम होता है तो पानी कम होता है, क्योंकि आम तौर पर उस पार्क के आसपास की सतह कम होती है, जब आम तौर पर नदी में पानी काफी अधिक होता है, तब यह छोटा सा पार्क पानी के चारों ओर से घिरा रहता है है, तब यहां पर आने का सिर्फ एक ही रास्ता बचता है वह भी नाव से।
जबलपुर संस्कारधानी का यह वॉटर एडवेंचर पार्क आपको तनाव से मुक्ति दिला सकता है। ऐसी जगह जहां आपको पूरे प्रदेश में शायद ही कहीं देखने को मिलते हैं, जहां पर आपको पानी का सफर और बीचों-बीच स्थित दुखाने की जगह मिलती है, ये सभी चीजें एक साथ शायद ही कहीं मिलती हैं, वह भी बिना ₹1 भी गवाएं।
बरसात के दिनों में बंद रहता है यह सार्वजनिक स्थान
बरसात के दिनों में जब माँ का स्तर बहुत बढ़ जाता है। यह जगह आपको दिखाई नहीं देगी, लेकिन गर्मियों के दिनों में आप यहां नदी के तटों पर अपने खास लोगों के साथ सार्वभौम के पल बिता सकते हैं और चारों तरफ से टापू से गिरी हुई इन दोस्तों का आनंद ले सकते हैं। इस छोटे से पार्क को राजस्थान के व्यक्तित्व धर्मवीर एवं सुभाष चंद्र महावर ने अपने माता-पिता की स्मृति में जिलेरी घाट के समुद्र तट से जोड़ा था। इस जगह के बारे में पवित्र संस्कारधानी में रहने वाले लोगों के अलावा बहुत कम लोग जानते हैं, लेकिन अगर आप भी मेरे तरह-तरह के दर्शनीय स्थलों का नजारा लेना चाहते हैं तो आप भी जिलेरी घाट जरूर आएं।
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पहले प्रकाशित : 30 नवंबर, 2023, 15:23 IST
