नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सोमनाथ परिषद (डीएससी) ने गुरुवार को 2.23 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी। इन दस्तावेजों के तहत 97 लड़ाकू विमान तेजस और 156 लड़ाकू विमान प्रचंड जाएंगे। तेजस भारत द्वारा विकसित एक चित्र और कई तरह के अभिलेख वाला युद्ध जेट विमान है। यह हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा विकसित एक सीट और एक जेट इंजन वाला, कई कलाकारों में सक्षम एक प्रभाव युद्धक विमान है। यह बिना टेल का, कंपनीग्राउंड डेल्टा पंख वाला हवाई जहाज है।
इस खरीद के माध्यम से भारतीय वास्तुशिल्पियों में एशियन मछुआरों की कमी को पूरा करने की योजना बनाई गई है। आने वाले समय में हथियारों का बेड़ा और मजबूत होगा। इससे स्वदेशी एयरोस्पेस क्षेत्र को ‘आत्मनिर्भर भारत’ की शुभकामनाएं और यात्राएं मिलेंगी। रपोर्ट्स के मुताबक़ दस्तावेज़ का पहला तेज़स याज़ एलसीए एमके-1 व दस्तावेज़ फरवरी 2024 में डाउनलोड किया जाएगा। बाकी पूरा साल 2029 तक डेलीवर कर दे जायेंगे। तेजस वकीमान को सीमा एरिया में रहने वाले एक व्यक्ति के रूप में जाना जाता है।
जानिए इसकी खूबियां
बताया गया है कि फास्टस वसीमैन पिज्जा वसीयतनामा स्टाफ़ वॉर्निंग आर ड्राइवर, बाहरी एटम सुरक्षा जैमर पॉड, बेहतर इलेक्ट्रॉनिक्स, एडवांस बक्शीस वजुअल-रेंड (बी वज़ार) एम पसीज़ सेल और विशेष रूप से बेहतर कोचिंग के साथ आते हैं। इस फाइटर जेट में 65 से 70 फीसदी तक के स्वदेशी उपकरण लगे होंगे। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय विमान सेवा के लिए 97 तेजस एमके-1ए जेट की खरीद के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ 48,000 करोड़ रुपये का सौदा किया। तेजस स्वदेश निर्मित चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है। यह हवा में भी बर्नआउट में सक्षम है.
प्रचंड हवा और सतह पर मिसाइल दागने में असमर्थ
प्रचंड हेलीकॉप्टर को भी एचएएल ने विकसित किया है। इसमें 5.8 टन वजन के जुड़वां इंजन लगे हुए हैं। प्रचंड हवा से हवा और हवा से सतह पर मिसाइल दागने में सक्षम है। इसका स्थापत्य मुख्य रूप से चीन, इंडोनेशिया और मद्रास के जंगलों में रहेगा।
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पहले प्रकाशित : 1 दिसंबर, 2023, 10:27 IST
