डिजिटल माला: डिजिटल युग की ओर बढ़ती दुनिया में, जहां हर कोई टेक्नोलॉजी की नाव पर सवार है, पारंपरिक परंपरा को फैशन का लबादा पहनाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर मोतियों की एक मैगज़ीन में डिजिटल गैजेट्स में बदलाव वाला एक वीडियो हंगामा मचा रहा है। इसे देखने के बाद देसी उपभोक्ता ने मिक्स प्रतिक्रिया दी है।
पारंपरिक मंगल, जाप मंगल या एकमात्र मंगल काफी लंबे समय से पूजा-पाठ के साथ-साथ मोतियों से सजे हार के रूप में भी उपयोग में लाया जा रहा है। इसका प्रयोग हिंदू धर्म से लेकर कैथोलिक के अलावा कई धर्मों में प्रार्थना मंगल के रूप में किया जा रहा है। पूजा-पाठ में मंगल को 108 या 1008 बार फेरने का वोग है। लेकिन पाठ के दौरान कभी-कभी लोग इतने लीन हो जाते हैं कि याद ही नहीं रहता है कि मैग्नेटिक मैग्नेटिक बार फेर कहा जाता है, इसलिए सही करने के लिए लोगों को कोमेल मैग्नेटिक फेरना हुआ था।
COP33 की टीम को तैयार करने के लिए भारत, दुबई में क्लाइमेट चेंज समिति में पीएम मोदी का प्रस्ताव
माला भी डिजिटल कर दी इन लोगो ने ♀️ pic.twitter.com/Ep6oOR16MS
– स्टारडस्ट (@LifeOfStardust) 30 नवंबर 2023
तेरहवीं पुरानी परंपरा में अब एक डिजिटल बदलाव आ चुका है। इसी वजह से इस वीडियो में लोगों का ध्यान खींचा गया है. वीडियो में ग्लैमर का एक सामान दिखाई देता है। इस उद्यम की शुरूआत यह है कि मंगल फेरते समय लोगों को याद रखने का काम नहीं रहेगा। इसके अलावा प्रैक्टिस करने वालों को अलग दिव्य अनुभव का आनंद मिलता है।
‘8 बच्चा पैदा करो, नहीं तो..’, ग्रैजुएट को बताया किस बात का डर? रूसी महिलाओं से कर डिस्पले
डिजिटल मैगनेट देखकर नेटिजंस भी हैरान हो गए। लोग अलग-अलग वैज्ञानिक वैज्ञानिक हैं। एक यात्री ने लिखा है, ‘मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगा। यह काफी अच्छा है और वर्तमान समय के साथ मेल भी खाता है। जेन-जेड के लोगों को आरक्षण देना और अपने पूर्वजों की ओर आकर्षित करना आवश्यक है।’ कई लोगों ने कहा है कि ये उनके धर्म से जुड़े हुए हैं, कुछ भी कहना सही नहीं होगा।
.
टैग: ताजा वायरल वीडियो, सोशल मीडिया वायरल
पहले प्रकाशित : 2 दिसंबर, 2023, 05:03 IST
