ऋषभ कौशिक/लखनऊ: तस्वीरें हर किसी को पंसद होती हैं, लेकिन बात जब खजूर की होती है तो मुंह में छेद-सी होती है। खजूर खाने में स्वादिस्ट भी होते हैं. यही कारण है कि खजूर एक लोकप्रिय खाद्य पदार्थ है। खजूर को अंग्रेजी में तारीखें, अरबी में ताम्र और फ्रेंच में पामियर कहा जाता है। वहीं राजधानी लखनऊ में एक ऐसी दुकान है जहां एक-दो नहीं बल्कि अंगूर की तरह की खजूर मिलती हैं, जो खजूर के शौकीनों की पहली पसंद बनी रहती हैं।
रकाबगंज में स्थित खजूर घाटी के मालिक आदिल खान ने बताया कि वह कई प्राचीन खजूरों का व्यापार कर रहे हैं। उनका कहना है कि खजूर की खेती सबसे पहले इराक में शुरू हुई थी, उसके बाद इसे अरब और अन्य देशों में उगाया जाने लगा। भारत में सिर्फ गुजरात में खजूर रखे जाते हैं। खजूर खाने में स्वादिष्ट ही होते हैं, आलू ही स्वास्थ्य के लिए भी होते हैं और पिछड़ेपन से भी भरपूर होते हैं।
समुद्र में अवश्य ही प्राचीन तिथि
आदिल के अनुसार, खजूर खाने वालों की गहराई में कुछ मूलभूत ढाँचे होते हैं। लोग पहले रमज़ान के समय में खजूर का सेवन करते थे, लेकिन अब 12 महीने खजूर खाते हैं। खजूर सिर्फ फल ही नहीं, बल्कि इसके बीज भी बड़े काम के होते हैं। कई बार इसके मसालों को किराने की दुकान में डाला जाता है और प्रोटीन पाउडर बनाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।
अजवा खजूर लोगों को बहुत पसंद है
अदील का कहना है कि दुबई में दो सौ से अधिक वृक्षों के खजूर पाए जाते हैं, लेकिन उनके यहां 30 से भी अधिक वृक्षों के खजूर हैं। जो आमतौर पर दुनिया भर में सबसे ज्यादा पसंद किये जाते हैं. अजवा खजूर लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध है। अरब के मदीना से आने वाला यह खजूर स्वाद के साथ ही काफी स्वस्थ, स्वस्थ और समृद्ध होता है। अजवा खजूर अन्य खजूरों के चर्च छोटे होते हैं। इस खजूर को खाने के मुंह से गुलाब की सुगंध बाद में आती है। इसके साथ यहां डेगलेट नायर, मेड जूल, हलवी, बरही, हयानी जैसे उत्पाद सामान उपलब्ध हैं, कीमत 100 रुपये प्रति किलो से लेकर 2000 रुपये प्रति किलो तक है।
हर तीसरे के खजूर और प्रोटीन के टुकड़े
दुकान से खजूर और खरीदारी करने वाले ग्राहक का कहना है कि वो काफी समय से इस दुकान से खजूर की खरीदारी कर रहे हैं यहां पर हर दरवाजे का खजूर मिल जाता है, वो भी खजूर की कीमत में। इसके साथ ही यहां अन्य प्रोटीन से लेकर अद्भुत वस्तुएं भी मिलती हैं। लिया है विदाई में अच्छा खजूर तो आना होगा खजूर घाटी, रकाबगंज। आप चारबाग रेलवे स्टेशन से ऑटो कैब तक आसानी से पहुंच सकते हैं।
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पहले प्रकाशित : 2 दिसंबर, 2023, 14:28 IST
