अनूप/कोरबाः कोरबा के पर्ल सागरपारा स्थित आदर्श मुक्तिधाम में चोरी के शव का अंतिम संस्कार करने के मामले में चर्चा हो रही है। अज्ञात लोगों ने इस कारनामे को अंजाम दिया है, जिसके बाद साथ ही साथ कार्यवाहक और मुक्तिधाम प्रबंधन की भी चिंता बढ़ गई है। विचित्र पंचतत्व में विलेन हुए एना व्यक्ति के अस्थियों की खोज में जुटी है।
सागरपारा के मुक्तिधाम में यह घटना 19 मार्च की रात हुई थी। यहां अंतिम संस्कार के लिए एक वाले को अंतिम संस्कार के लिए रखा जाता है, इसके लिए 2 शिफ्ट में कैरेटकर रखे जाते हैं। केयरटेकर हसीना ने बताया कि 20 नवंबर की सुबह, जब वह धाम लिबरेशन डिपो में थी, तो उसने देखा कि एक चिता जल रही है, जो पिछली रात को जली थी। इस विषय में छात्र से पूछताछ करने पर भी उसने जानकारी नहीं होने की बात कही। हसीना द्वारा उम्मीद की गई थी कि परंपरा के अनुसार तीसरे दिन कोई अस्थियां अस्थियां निकालेगा, इसलिए अस्थियां निकालकर उन्होंने रख दिया था। लेकिन 12 दिन बाद भी अस्थियां नहीं निकाली गईं। रात को चोरी के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए अंतिम संस्कार के बाद भी गेट बंद होने के बाद जब भी छुट्टी ली गई, तो उसकी देखभाल करने वाले को सच्चाई लग गई, जिसके बाद उसने इसकी जानकारी वार्ड होल्ड के साथ पुलिस को दे दी।
इस तरह का कारनामा क्यों?
व्यवस्था के अनुसार हिंदू समुदाय में होने वाली मृत्यु को लेकर मृतकों का अंतिम संस्कार सूर्यो के बाद नहीं किया जाता है। ऐसी स्थिति में पर्ल सागरपारा के मुक्तिधाम में 19 नवंबर की रात इस तरह का कारनामा क्यों हुआ, इसके पीछे कौन सी जबरदस्ती थी, यह पुलिस की जांच का हिस्सा होगा। मामले की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई है, लेकिन अज्ञात मृतकों की अस्थियां मुक्तिधाम परिसर में बरामद कर रखी गई हैं। रासायनिक जाँच एवं विधि विज्ञान विभाग की चिकित्सीय सहायता से पता चला कि मृतक कौन था और उसके साथ क्या हुआ था। इस मामले से जुड़े उन लोगों के चेहरे बेनकाब हो फी मांग में रात में पहुंच कर शव को जलाने का काम किया गया था।
.
पहले प्रकाशित : 2 दिसंबर, 2023, 12:20 IST
