शिखा श्रेया/रांची. दिसंबर का महीना शुरू हो गया है और ठंड भी शबाब पर है। इस ठंड में फुलझड़ी के कारण लगभग हर दिन कोई न कोई सुविधा होती है। ऐसे में फैशन और फ्रीज़ से बचने के लिए भारी-भरकम सामानों का स्टॉक बनाना मुश्किल हो जाता है। खासकर दुल्हन के लिए, क्योंकि लहंगे के लुक के साथ-साथ शॉल भी कैरी करना होता है ताकि ठंड न लगे। आजकल एक खास शॉल ट्रेंड में है, जो इतना प्रभाव रखता है कि एक राष्ट्रपति से पूरा शॉल क्रॉस हो जाए।
असल में, हम बात कर रहे हैं नॉर्थ ईस्ट वूलन शॉल की, जो खासतौर पर झारखंड की राजधानी रांची के मोराबादी मैदान में स्थित इंटरनेशनल ट्रेड फेयर मेले में देखने को मिल रहा है। केश से इस शॉल को लेकर आए हुए मोहम्मद अवशेष हैं कि यह खास शॉल दुल्हन को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसका वजन 180 ग्राम है। ओढ़ने पर दुल्हन को इसके वजन का पता ही नहीं चलता और ठंड से भी जुड़ा सामान। ऐसे में दुल्हन को भारी भरकम कपड़ों की वजह से उलझन नहीं होगी।
दुनिया की सबसे बड़ी कलाकृति से बनी सब्जी
एशॉल शिलालेख हैं कि दुनिया के सबसे ठोस रेशम के धागे से इस शॉल की परत बनाई गई है, इसलिए जब आप देखेंगे तो पता चलेगा कि यह डिजाइन पेंट किया हुआ है। लेकिन, जब ध्यान से देखेंगे तो आपको प्लेटें नजर आएंगी। यह इतना पतला धागा है कि इससे मिलता जुलता पतला धागा नहीं होता है। यह रेशम का धागा होता है, जिसे खुद कारीगर तैयार करते हैं।
15 दिन में बनती है एक शॉल
आगे बताया कि यह पूरा वूलन शॉल है। इसे ओढ़ने के 2 मिनट के अंदर आपके खाते छूट देंगे। खास कर रात के समय दुल्हन की शादी में बस ये नमकीन सा काफी होगा। एक शॉल 15 दिन में तैयार होता है और इसे 4 कलाकार सामूहिक रूप से तोड़ते हैं। क्योंकि इसमें समय को मुख्य रूप से माना जाता है और कलाकार के अपने आरोप होते हैं, इसलिए इसका निर्माण होता है।
प्रतियोगिता रहेगी चमक
मुझे बताया गया है कि आप इसे एक बार खरीद लें तो बिक्री निश्चित हो सकती है। क्योंकि इसकी चमक कभी फीकी इमेजिंग वाली नहीं होती. यह घोड़ा भी बड़ा आसान है. बस गर्म पानी में रात को भीगा कर छोड़ और सुबह निकल लें। सारा डाटा डाटा खुद ब खुद निकल जायेंगे. यह प्योर वूलेन है और इसमें हाथ का काम है। रंग भी भिन्न है. यही कारण है कि इसकी चमक पुराने के साथ-साथ और बढ़ती चली जा रही है।
जानें इस शॉल की कीमत
इस शॉल की एक और सबसे बड़ी खासियत यह है कि दुल्हन को देखने के बारे में काफी गहराई से काम किया गया है। फ्लोरल डिज़ाइन और बड़े पत्तों का डिज़ाइन देखने में आकर्षक और वर्कशॉप में काफी अलग-अलग तरीकों से बनाया गया है जो देखने में काफी आकर्षक और आकर्षक लगता है। क्या है कीमत की बात तो होगी कीमत 9500 रुपये. तो अगर आप भी इस शॉल को खरीदना चाहते हैं तो एक रांची के इंटरनेशनल ट्रेड फेयर मॉल में जो 15 दिसंबर तक चलने वाला है।
.
टैग: दुल्हन, जीवन शैली, स्थानीय18, शरद ऋतु
पहले प्रकाशित : 2 दिसंबर, 2023, 16:55 IST
