उत्तर
अनुपात के अनुसार पेनकिलर या एंटीबायोटिक दवा नहीं लेनी चाहिए।
यह एक वायरल संक्रमण है और इसमें पैरासिटामोल ही लेना चाहिए।
डेंगू के लिए सर्वोत्तम टेबलेट: ज्यादातर लोग बुखार आने पर एंटीबायोटिक दवा लेना शुरू कर देते हैं। उन्हें लगता है कि कुछ समय में इन मरीजों की बीमारी ठीक हो सकती है. हालांकि कई बार ऐसा होना बेहद खतरनाक साबित होता है और लोगों की कंडीशन का दावा किया जाता है. वर्गीकरण होने पर भी लोग एंटीबायोटिक औषधियों को अधिक प्रभावशाली मानते हैं, लेकिन उनका यह पता नहीं चल पाता है कि वर्गीकरण एक वायरल बुखार है और इसमें एंटीबायोटिक औषधि लेने से शरीर को गंभीर नुकसान हो सकता है। ऐसे में कौन सी दवा लेनी चाहिए और मूल्यांकन कैसा होना चाहिए, इसका संकलन होना चाहिए। इस बारे में डॉक्टर से जानिए जरूरी बातें.
नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिवहेल्थ एंड वेलनेस विभाग के निदेशक डॉ. सोनिया रावत के अनुसार वर्गीकरण एक वायरल बुखार है, जिसका इलाज सही तरीकों से एक से दो सप्ताह में हो सकता है। दिसंबर के महीने तक मच्छरों का प्रकोप रहता है और उत्तर भारत में यह बीमारी साल के आखिरी महीने तक लोगों पर भारी पड़ती है। बुखार के दौरान लोगों को अपनी स्थिति के अनुसार दिन में 2 से 3 बार पैरासिटामोल टैबलेट लेनी चाहिए। यह सबसे सुरक्षित और प्रभावशाली औषधि का मूल्यांकन किया जा रहा है। कोई अन्य दवा लेने से नुकसान हो सकता है। अधिकांश लोगों में एंटीबायोटिक्स को हानिकारक गुण हैं, लेकिन यह सिद्धांत है। ज्यादातर मामलों में पैरासिटामोल का इलाज किया जाता है। सीवियर केस में अन्य औषधियों का उपयोग किया जाता है।
डॉक्टर की राय तो परिभाषा के लक्षण दिखने पर पेनकिलर, एंटीबायोटिक और एंटीवायरल दवा लेने से बचना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बिना बुखार आना पर ये दवा लेना खतरनाक हो सकता है। मूल्यांकन होने पर ये दवा लेने से प्लेटलेट काउंटी कम हो सकती है और कंडीशन गंभीर हो सकती है। लेबलिंग होने पर सभी को दर्दनिवारक औषधियों और अन्य ओवर-द-काउंटर मीटिंग वाली औषधियों के उपयोग से स्वयं को उपचारित करने से बचना चाहिए। पेनकिलर्स लेने से मोटर ब्लीडिंग की कंडीशन पैदा हो सकती है। इससे सभी को बचना चाहिए. केवल पैरासिटामोल ही सबसे सुरक्षित दवा है।
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पहले प्रकाशित : 3 दिसंबर, 2023, 10:47 IST
