भरत तिवारी/जापानी. संस्कारधानी जबलपुर में एक ऐसा नास्ता सेंटर है जहां 15 वैरायटी के पोहे मिलते हैं। इससे बड़ी बात यह है कि इस दुकान का संचालन मूकबधिर लोगों द्वारा किया जाता है। यानि इस दुकान का संचालन ऐसे लोग करते हैं जो कि ना तो सुन सकते हैं और ना ही बोल सकते हैं। यह दुकान शोरूम के नीचे रानी ताल पर स्थित है जिसका नाम पोहा एंड शेड्स है।
इस दुकान के मालिक आलोक सोनी ने बताया कि उनकी भतीजा मूकबधिर लोगों की एक संस्था के समन्वयक हैं, उनके किरायेदार की माता और पिता भी मूकबधिर थे। आलोक के अक्षय अक्षय सोनी के इस स्टोर से स्कॉलर की प्रेरणा प्राप्त हुई। इसके बाद उन्होंने जिस संस्था में काम किया उस संस्था के मूक और बढ़ते लोगों को रोजगार देने का खामियाल आया। इसके बाद अक्षय ने अपनी ही संस्था के कुछ लोगों को करीब 7 महीने की ट्रेनिंग दी और उसके बाद पोहा एंड शेड्स के नाम से दुकान बनाई।
दुकान के निर्माण से लेकर सारा काम सिर्फ मूकबधिर ही करते हैं
आलोक सोनी ने बताया कि इस दुकान के निर्माण से जुड़े सभी कार्य जिसमें रियॉन और सीमेंट से लेकर जो भी कार्य शामिल है, वह पूरा कार्य केवल और केवल मूकबधिर लोगों द्वारा ही किया गया है और इस दुकान का संचालन भी नींद के द्वारा किया जा रहा है, जो कि ऑनलाइन में माइक्रोसॉफ्ट के माध्यम से चीजें की जाती हैं जिसे अंग्रेजी में सिने लैंग्वेज कहा जाता है जिसके माध्यम से वह कोऑर्डिनेट में करता है।
यहां लगभग 15 वैरायटी के पोहे उपलब्ध हैं
इस दुकान के अनोखे ऑपरेशन के साथ ही आपको इस दुकान में बने हर अनोखे लाजवाब उत्तरदायित्व मिलेंगे। इस दुकान में आज भी पुरानी मान्यता है कि विश्वनाथ को अपनाकर पत्तल के दोनों में पोहा दिया जाता है, साथ ही चाय और सब्जी कुल्हड़ में दी जाती है जिससे इस दुकान में हाईजीन बनी रहती है। पोहा शेड्स में पोहे की कुल 15 वैरायटी आपको पसंद आएंगी अनियंन पोहा, आलू मसाला पोहा, अनार पोहा, कॉर्न पोहा, उसल पोहा, मिसल पोहा, शोलाग्रेवी पोहा, चना पोहा, स्प्राउट पोहा, पनीर पोहा, पारंपरिक पोहा, उगल पोहा, डे पोहा, वेगन पोहा, पोहा कटलेट शामिल हैं। इसके अलावा यहां का पोहा नाम जिस स्थान पर है, वहां पोहा की दुकान रखी गई है। कहीं और जगह.
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पहले प्रकाशित : 3 दिसंबर, 2023, 12:26 IST
