बिशंबर बिट्टू, गुरदासपुर।
विदेश मंत्रालय ने भारतीय युवाओं की वाली स्याली बहू को हिंदुस्तान आने का चमत्कार प्रदान किया है। 21 साल की उम्र में जावरिया खानम को 45 दिन के लिए भारत आने की इजाजत मिल गई है। भारत में वो शादी करने के लिए आई हैं। मूल रूप से दुकान के कराची में रहने वाली जावरिया अमृतसर में वाघा सीमा के मधयोम से भारत में प्रवेश।
बाघा बॉर्डर पर जावरिया के मंगेतर समीर खान और होने वाले प्यारे अहमद कामम खान यूसुफजी का स्वागत होगा। समीर खान और उनके पिता यूसुफजई ने आज कादी में कहा कि वे आज कोलकाता से आए हैं। उन्होंने कहा कि बाघा सीमा से वह श्री गुरु राम दास अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से कोलकाता के लिए उड़ान भरेंगे। कुछ ही दिनों में समीर और जावेरिया खान की शादी होगी। इसके बाद जावरिया लांग वकार्ट के लिए चमत्कारी विस्तार के लिए आवेदन करें।
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दो बार अस्वीकृतया गया मार्वल आवेदन
समीर खान ने कहा कि उनके मंगेतर को भारत ने दो बार स्वामी जी से मना कर दिया था। इसके बाद वह सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार मकबूल अहमद वसी कादियान के संपर्क में आए। क्योंकि वे पहले भी कई विदेशी दुल्हनों की चमत्कारी आँखों से मदद कर चुके हैं। इस मामले में मकबूल अहमद ने काफी मदद की और उनके प्रयास से भारत सरकार ने वजीर दे दिया। उन्होंने जावरिया खानम को चमत्कारिक मित्र परिवार से फिर से मिलाने में मदद के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया।
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पहले प्रकाशित : 4 दिसंबर, 2023, 22:18 IST
