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बिना लहसुन-प्याज वाला लिट्टी खाना है तो यहां बिहार के डिप्टी सीएम भी हैं इनकी मुरीद


दिल्ली/विद्यार्थीकैमूर : वैसे तो लिट्टी बिहार का फेमस फूड आइटम है। यह बिहार के अलग-अलग स्टाइल में अलग-अलग रूप और टेस्ट में खाने वालों को मिलता है। लेकिन, क्या आपने कैमूर में बनने वाले लिट्टी का स्वाद चखा है। अगर नहीं तो मां मुंडेश्वरी के धाम में आइए और मां के दर्शन कर भागीरथी कुशवाहा का बिना लहसुन और प्याज वाली लिट्टी चोखा का आनंद लीजिए। इसमें न सिर्फ अलग फ्लेवर मिलेगा बल्कि स्वाद भी इतना लाजवाब होगा कि आप दीवाना बन जाएंगे।

भागीरथी कुशवाहा यहां पिछले 15 साल से आग पर सेंक कर लोग कोलिटि के साथ चोखा खा रहे हैं। स्वाद के साथ-साथ तेल मुक्त होने के कारण यह लिट्टी लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है। इस लिट्टी चोखा में बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी मुरीद हैं.

15 साल से आग पर सेंका हुआ लिट्टी खिला रहे हैं भागीरथी

मां मुंडेश्वरी के मंदिर में जाने वाले मुख्य मार्ग के किनारे वन विभाग के बैरियर से ठीक पहले भागीरथी कुशवाहा की 15 साल पुरानी दुकान है। मां मुंडेश्वरी के दरबार में होने की वजह से यहां लहसुन और प्याज का इस्तेमाल नहीं होता है। यहां सिर्फ आम ही नहीं बल्कि खास लोगों की भी लिट्टी खाने के लिए जमावड़ा लगता है।

वहीं जिले के अधिकारी तो बा यहां से पैक करा कर लिट्टी सहयोग करते हैं। भगवानपुर लि स्थित ऐतिहासिक गांव के रहने वाले भागीरथी कुशवाहा ने बताया कि लिट्टी चोखा के साथ हरी मिर्च, अदरक, हरी धनिया पत्ती, नमक, सरसों का तेल, कुचिला के टुकड़े जो लिट्टी चोखा के साथ में मूली के साथ 10 रुपये प्रति टुकड़े खाते हैं। .

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प्रतिदिन 300 से अधिक पीस लिट्टी की बिक्री होती है

भागीरथी ने बताया कि लिट्टी में मसाला का विशेष ध्यान रखें। लिट्टी बनाने से पहले सत्तू, अदरक, हरी मिर्च, हरी धनिया की पत्ती, सरसों का तेल, मगेरेल और अचार कोकोम के साथ मिक्स करके तैयार किया जाता है। इसके बाद आटे को गूंथते हैं. इसके बाद छोटे-छोटे लोइया ने सत्तू को डिजाइन तैयार करने के लिए आग पर सेंकते हैं।

पूरी तरह से आग पर पाक जाने के बाद लिट्टी को बैगन का चोखा, मसालों के स्पेशल नकली के साथ बेचते हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 300 पैसे से अधिक लिट्टी की बिक्री होती है। प्रतिदिन 10 किलों की दुकान है। यहां बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से लेकर कई नामचीन लोग लिट्टी खा चुके हैं।

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