कमल पिमोली/गर्लवाल। उत्तराखंड अपनी सुंदरता के साथ-साथ लाइसेंस प्लेट के लिए भी प्रतिष्ठित है। यहां के पारंपरिक भोजन स्वादिष्ट के साथ-साथ औषधीय गुणों से भी भरपूर होते हैं। यहां कई ऐसे उपाय भी दिए जाते हैं, जिनमें सब्जी न केवल आपकी खेती का फायदा देती है बल्कि आपको स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करती है। ऐसा ही एक पौधा है कंडाली (बिच्छू घास)। उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में इसका सागा बनाया जाता है, जो काफी स्वादिष्ट होता है। अब बाजार में कंडाली की ग्रीन टी (KandaliGreen Tea) भी आ गई है, जो सेहतमंद लोगों को खास पसंद आ रही है. केंटदार रेस्तरां वाली बिच्छू घास भारत, चीन, यूरोप समेत कई देशों में पाई जाती है। उत्तराखंड में यह अलग-अलग जंगलों से जाना जाता है। जहां गढ़वाल मंडल में बिच्छू घास को कंडाली कहा जाता है, तो कुमाऊं मंडल में इसे सिसौंन नाम से जाना जाता है।
अभी तक आप कंडाली के साग का जायका लेते थे, लेकिन अब इसकी चाय का सेवन भी किया जा सकता है। श्रीनगर गढ़वाल के बाजार में उपलब्ध कंडाली से बनी ग्रीन टी (नेटटेल टी) को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। कोरोना के बाद से लोग अपनी सेहत को लेकर काफी संदेश गए हैं। वहीं ग्रीन टी पीने वालों की संख्या में भी गिरावट आई है। देखें अब कई वैरायटी की ग्रीन टी पॉट में उपलब्ध है, जिसमें अब कंडाली की बनी ग्रीन टी भी शामिल है।
कंडाली की नाव लोहे में
कंडाली की नाव में बहुत सारा लोहा होता है। इसके साथ ही फ़ोर्म इनिक एसिड, विटामिन ए और एसटिल कोलाइट भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। ऐसे में कंडाली, लेमन ग्रास और तुलसी के अवशेषों से बनी हरी टी-औषधियाँ कम नहीं हैं। असली में इसका सेवन आपको टैरोताजा रखने के लिए काफी मिलता है।
डॉक्टर भी पी रहे कंडाली से बनी ग्रीन टी
नागालैंड में स्टोर लीडर प्रशांत पंत हैं, जो कि नेचर स्टॉक फर्म में स्थित हैं, कंडाली ग्रीन की कंपनी नेचर स्टॉक फर्म द्वारा निर्मित की जा रही है। उनके पास चाय का शानदार स्टॉक है। मेडिकल बेनिटिट के उत्पाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर भी इस ग्रीन टी को यहां से शुरू कर रहे हैं। साथ ही स्वास्थ्य कंशियस लोगों की भी यह पहली पसंद बन रही है। उन्होंने बताया कि कंडाली की ग्रीन टी की कीमत 195 रुपये है, जिसमें 20 टी बैग हैं।
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पहले प्रकाशित : 5 दिसंबर, 2023, 13:24 IST
