सौरभ तिवारी/बिलासपुर. सरगुजा जिले के मैनपाट में सड़क के किनारे रिवाल्वर का सामना करना पड़ रहा है। यहां अगर कोई अचानक बीमार हो जाए तो घर तक मरीचिका भी नहीं पहुंच पाती। अगर किसी कारणवश किसी व्यक्ति को अस्पताल ले जाना पड़े तो सड़क तक जाने की जरूरत नहीं है। ऐसा ही एक मामला सामने आया जहां मैनपाट के आसगांव में एक शख्स बीमार पड़ गया. जिसे अस्पताल लेकर जाने के लिए सड़क तक नहीं है, ना ही यहां तक मरीज है। ऐसे हालात में 5 किलोमीटर रोड पर मरीज़ों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आपको बता दें कि मैनपाट में असगांव से लेकर सुगापानी तक सड़क नहीं है। वहीं अगर सरगुजा की बात करें तो ऐसे कई गांव हैं जहां ये हाल है और ग्रामीण ही मरीज खाते के जरिए अस्पताल लेकर जाते हैं। आजादी के 75 साल बाद सरगुजा जिले में भी थोक व्यापारी की कमी हो गई है। ऐसी ही एक मशहूर मित्र की तस्वीरें मैनपाट के आसगांव से सामने आई हैं। गांव का एक व्यक्ति बीमार हो गया. जिसके बाद उसे 5 किलोमीटर पैदल यात्री पैदल यात्रियों ने खटिये पर ही पकड़ लिया।
एक ओर जहां जनता से एक से अधिक उग्रता एक वादा करती है। उन वादों के मशहूर वोट प्लांट जहां पर हैं अगर बात करें तो राज्य में आज भी ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां पर यूनिवर्सल यूनिवर्सल को लोग आज भी पसंद कर रहे हैं। इन तक सरकार की सलाह आज भी नहीं है। कहीं सड़क नहीं तो कहीं अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। यहां जनता बस का इंतजार कर रही है कि कब उनकी बर्बादी अमेरिका और अन्य देशों में होगी।
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पहले प्रकाशित : 28 अगस्त, 2023, 15:21 IST
