Homeदेशबिना मटन-चिकन शरीर को फूलाड बना देंगे ये 5 आहार, हाई रिच...

बिना मटन-चिकन शरीर को फूलाड बना देंगे ये 5 आहार, हाई रिच प्रोटीन से अंग-अंग में भरेगा एनर्जी, मसल्स में होंगे मजबूत


उत्तर

बादाम बेशक थोड़ा महंगा है लेकिन यह प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ है।
100 ग्राम टोफू से 8.1 ग्राम प्रोटीन.

उच्च समृद्ध शाकाहारी प्रोटीन खाद्य पदार्थ: प्रोटीन को जीवन का आधार माना जाता है, क्योंकि इसी तरह नौ एमिनो एसिड की आवश्यकता होती है, जिससे जीवन में असुविधा संभव हो जाती है। यही कारण है कि शरीर की प्रत्येक कोशिका में प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है। प्रोटीन इंजिन में ब्रेक-फूट की तलाश और नई-नई कारीगरी भी शामिल है। बच्चों के लिए प्रोटीन की बिक्री भी बहुत जरूरी है। अगर प्रोटीन शरीर में न हो तो शरीर के केल्स कम हो जाते हैं। शरीर में प्रोटीन की कमी होने से थकान और कमजोरी होने लगती है। प्रोटीन की कमी से बच्चों में बहुत जल्दी बीमारी हो जाती है।

हर दिन एक वयस्क इंसान को 50 से 60 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। भारत प्रोटीन के बजाय कार्बोहाइड्रेट लैक्टेट अधिक ग्रहण करने वाले देश हैं। इसलिए भारत के लोगों में अक्सर प्रोटीन की कमी हो जाती है। आम तौर पर लोगों में ये तत्व होते हैं कि प्रोटीन सिर्फ मटन, मछली, चिकन, अंडा या नॉन-वेज आइटम से ही है लेकिन बिल्कुल ऐसा नहीं है। वेजिटेरियन आयटम में भी आटे के चिकन से भरपूर प्रोटीन मिल सकता है। आइए जानते हैं इन बेजिटेरियन प्रोटीन के स्थावर के बारे में…

इन खाद्य पदार्थों में मटन चिकन फेल

1.पालक-भारत में पालक प्रोटीन की कमी की समस्या को बहुत सस्ते में दूर कर सकते हैं। बीबीसी गुड फार्मर्स के पालक प्रोटीन का खजाना है। पालक में कई तरह के एमिनो एसिड पाए जाते हैं। ये एमिनो एसिड हीप्रोटीन को ब्लॉक करता है। पालक में प्रोटीन के अलावा विटामिन ए, विटामिन के और विटामिन सी पाए जाते हैं जिससे इम्युनिटी बढ़ती है और आंखों की रोशनी वापस मिलती है। इसलिए यदि आप बेजिटेरियन हैं तो पालक का नियमित सेवन करें।

1.सोयाबीन्स-सोया बींस में इतना प्रोटीन होता है कि यह मटन-चिकन को प्रोटीन के मामले में फेल कर सकता है। सिर्फ 80 ग्राम सोयाबिन्स में 8.7 ग्राम शुद्ध प्रोटीन है। सोयाबीन सस्ता भी होता है. यानि कि भारत के लिए प्रोटीन के तौर पर सोयाबिन्स का सेवन बहुत ही स्वादिष्ट साबित हो सकता है। इसे कई अन्य नोटबुक के साथ खरीदा जा सकता है।

2. टोफू-टोफू सोया मिश्रण से बने उत्पाद हैं। वैसे तो अपने देश में टोफू बहुत कम है लेकिन टोफू भी प्रोटीन का खजाना है। 100 ग्राम टोफू से 8.1 ग्राम प्रोटीन. टोफू के लिए मसाला बनाना बेहतर विकल्प है। टोफू से पैनकेक, जापानी कीक, सिलकेन आदि बनाए जाते हैं। इसे अन्य नेमेनेट में भी शामिल किया जा सकता है।

3. मूँग-मूंगफली भी प्रोटीन का सस्ता स्रोत है। दक्षिणी देश के हर कोने में मिल सकता है और इसका सेवन करना भी आसान है। 2 मूंगफली मूंगफली में 8 ग्राम प्रोटीन रहता है. मछली को प्रोटीन का खजाना कहा जाता है। भूकंप के मौसम में भुनी हुई झील ज्यादातर लोगों की पसंद है।

4. बादाम या डॉक्युमेंट्स-बादाम बेशक थोड़ा महंगा है लेकिन यह प्रोटीन से भरा हुआ खाद्य पदार्थ है। अगर आप जिम जाते हैं और मसल्स को मजबूत बनाना चाहते हैं तो बादाम या कई तरह के नकली दवाओं का पाउडर बना सकते हैं। फ़ार्मेसी मानक टीवी के अनुसार प्रोटीन पाउडर को बादाम और पिश्ता से बनाया जा सकता है। इसे पहले थोड़ा सा रोस्ट कर लें और इसके बाद मोनो पीस लें। इसमें सूरज के बीज, कद्दू के बीज और तरबूज के बीज को भी इसी तरह रोस्ट कर लें और पीसकर मिला दें। इस तरह से बने पाउडर पूरी तरह से प्रोटीन का खजाना बन जाएगा।

टैग: स्वास्थ्य, स्वास्थ्य सुझाव, जीवन शैली



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

spot_img