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आयुर्वेद में छिपा है वेट गन का राज, इन मसालों का ना करें इस्तेमाल, जानें विशेषज्ञ की सलाह


ओपीपी/सोपानकोरबा. इन दिनों फिट दिखने के लिए लोग पशु चिकित्सक जरूरी तत्व रखते हैं और उसके लिए मार्केट में मीटिंग वाली कई तरह के स्क्रैप का उपयोग करते हैं। कभी-कभी कुछ रसेल का भी स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है। लेकिन क्या आपको पता है हमारे आयुर्वेद में भी पशु चिकित्सक के लिए उपाय बताया गया है। इस विषय पर हमने आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर नागेंद्र नारायण शर्मा से बातचीत की।

डॉक्टर नागेंद्र नारायण शर्मा ने आयुर्वेद में पशु चिकित्सकों के लिए सही उपाय और इलाज बताया है। जो व्यक्ति किसी व्यक्ति को आहार देता है और उसके शरीर से ऐसा नहीं लगता है, इस रोग को आयुर्वेद में क्रिस्टा रोग के रूप में बताया गया है। आयुर्वेद में इसका उपचार भी बताया गया है। जो लोग क्रिस्टा रोग से ग्रसित होते हैं, उन लोगों को आयुर्वेद में उनके प्राकृतिक के अनुसार आहार बताया जाता है और इसमें सबसे रासायनिक द्रव्य अश्वगंधा और शतावरी को माना जाता है। जिसके सेवन से व्यक्ति अपने वजन को बढ़ा सकता है।

इन बातों का रखें ध्यान
चिकित्सक ने बताया कि किसी व्यक्ति को पशुचिकित्सक के बारे में अधिक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति के स्वभाव के अनुसार उसका वजन होता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि व्यक्ति को अपनी शारीरिक शक्ति और मासिक शक्ति को सही रखना चाहिए। वर्तमान में ठंड का मौसम आयुर्वेद में इस समय रसायन सेवन के बारे में बताया गया है। च्यवनप्राश अश्वगंधा शतावरी का सेवन इन दिनों 1-1 घंटे सुबह शाम सेवन करने से आपको काफी फायदा मिलेगा।

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