बुढ़ापे में हड्डी टूटने का खतरा: हड्डियों पर ही हमारे शरीर का पूरा आधार रुका हुआ है। पत्थरों के कारण ही हम सीधे तनकर खड़े हो गए हैं। जन्म से लेकर युवा तक हड्डियाँ शानदार रहती हैं। 20 साल की उम्र के आसपास नई हड्डियां बननी बंद हो जाती हैं। लेकिन इसका दस्तावेज़ ज़रूरी है. कैल्शियम, मैग्नीज, मैग्नीज, विटामिन डी सहित कई प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। अगर इनमें कमी की कमी है तो जोड़ों से कैल्शियम की कमी होना जरूरी है। इससे जुड़ी हड्डियां दिलचस्प होंगी और बोन फ्रेक्चर का खतरा बढ़ेगा। ब्रिटिश स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट एनएचएस ने सर्वेक्षण के दायरे से बताया है कि अगर युवाओं में विटामिन ए वाले भोजन का अधिक सेवन किया जाए तो बुढ़ापे में हड्डियों के खतरे का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। अक्सर साझेदारों की वजह से कुछ जोड़ों में बोन फ्रेक्चर का सबसे बड़ा खतरा रहता है। ऐसे में सलाह दी जाती है कि जिन चीजों में विटामिन ए हो, उनका सेवन सीमित मात्रा में किया जाना चाहिए।
इन सब्जियों का सेवन कम करें
- 1. मछली, लिवर, तेल-मछली का तेल स्वास्थ्य के लिए अच्छा भोजन है लेकिन कुछ मछली-जिगर में तेल बहुत ज्यादा होता है। यानी मछलियां के लिवर में मोटापा बहुत ज्यादा होता है। इन फ़िट से तेल का उत्पादन होता है। बाजार में मछली का तेल अलग-अलग होता है जिसका उपयोग कई प्रकार से किया जाता है। लेकिन अगर आप इस तरह की मछलियां ज्यादा खाते हैं लेकिन इसमें शामिल तेल की मात्रा अधिक होती है तो कोई नुकसान नहीं दिखेगा, ज्यादा उम्र में हड्डी फ्रैक्चर का खतरा बढ़ेगा। एनएचएस का कहना है कि फिश लिवर ऑयल के बाद ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।
- 2. एनिमल लिवर-मटन-चिकन में अधिकतर लोग शिकार होते हैं। इन लिवर को कलेजी कहा जाता है। एनएचएस का मानना है कि पशु लिवर का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे लिवर में बोन फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। इस पशु यकृत में विटामिन ए बहुत अधिक मात्रा में होता है। थोड़ा-बहुत खाने से तो असर नहीं होता लेकिन नियमित रूप से एनिमल लिवर खाने पर बुढापे में बोन फ्रैक्चर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
- 3. अण्डा-अण्डा अत्यंत विनाशकारी तत्व है लेकिन इसके अत्यधिक सेवन से हानि भी हो सकती है। आजकल युवा युग में अधिकांश शहरी लोग जिम जाते हैं। और इस दौरान वे बहुत ज्यादा अंडे का सेवन करते हैं. लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. आण्डा में बहुत अधिक विटामिन ए होता है। विटामिन ए का अधिक मात्रा में सेवन बाद में बोन फ्रैक्चर के लिए जिम्मेदार हो सकता है। एक दिन में दो से तीन अंडे का ही सेवन करना चाहिए।
प्रतिदिन कितने विटामिन ए की आवश्यकता
शरीर में हर तरह के पोषक तत्व की मात्रा आवश्यक होती है। प्रतिदिन एक वयस्क इंसान को 1.5 अनिद्रा या 1500 माइक्रोग्राम विटामिन ए की आवश्यकता होती है। इसमें सबसे ज्यादा विटामिन ए का नुकसान हो सकता है क्योंकि विटामिन ए पानी में मौजूद नहीं है। यह वसा सुपरमार्केट है जिसे पचाना मुश्किल हो जाता है।
पशु जिगर की जगह क्या है
जानवरों के जिगर से कई और ख़राबियां भी हो सकती हैं। इसलिए विटामिन ए की प्राप्ति के लिए हरी सब्जी की भी व्यवस्था है। इसके लिए पालक, गाजर, शकरकंद, पील फल जैसे आम, पपीता या खुबानी आदि का सेवन करना चाहिए।
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पहले प्रकाशित : 9 दिसंबर, 2023, 05:41 IST
