नई दिल्ली. इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सएप (व्हाट्सएप) हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा हो गया है। स्क्रैप फ़ैमिली या ऑफ़िस का कार्य, यह हर जगह संपर्क का सबसे आसान जरिया बन गया है। वहीं, मातृत्व जीवन में ऐसे कई जोड़े हैं जो अपने दोस्त (पति/पत्नी) के व्हाट्सएप सहित कई तरह के सोशल मीडिया अकाउंट को चेक करने लगे हैं और इसे अपने अधिकार में शामिल कर लिया है। ऐसे में सवाल है कि क्या सिर्फ शादी के आधार पर एक पत्नी अपने पति का सोशल मीडिया अकाउंट या फोन चेक कर सकती है?
सिद्धांत के अनुसार, अनुच्छेद-21 में मिले रेस्ट टू प्राइवेट (निजता का अधिकार) के तहत एक पत्नी अपने पति का सोशल मीडिया पर देखने के लिए दबाव नहीं डाल सकती। ये उनकी चाहत पर ही आधारित होगा. बाकी टू प्राइवेट के तहत न तो पति, न तो पत्नी दोनों ही एक-दूसरे का सोशल मीडिया अकाउंट अकाउंट नहीं देख सकते हैं।
क्या पत्नी, अपने पति का व्हाट्सएप अकाउंट चेक किया जा सकता है? जानिए कानून क्या है?
प्रतिवेदन- @इमध्रुवामिश्र | विशेषज्ञ- @AdvAmritaVerma pic.twitter.com/m8GcVfd3wg
– सीएनबीसी-आवाज़ (@CNBC_Awaaz) 8 दिसंबर 2023
एक मौलिक अधिकार है निजता का अधिकार
निजता का अधिकार हमारा कानून में ये एक ऐसा अधिकार है जो हमें निजता का अधिकार यानी निजता का अधिकार देता है। निजता के अधिकार के सवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने साल 2017 को बड़ा फैसला सुनाया था। 9 जजों वाली सुप्रीम कोर्ट की कांस्टीट्यूशन बेंच ने संविधान से निजता के अधिकार को मूल अधिकार बताया था। बेंचमार्क में सीजेआई जे.एस. खेहर, न्यायमूर्ति जे. चेलमेश्वर, न्यायमूर्ति एस.ए. बोबडे, न्यायमूर्ति आर.के. अग्रवाल, न्यायमूर्ति आर. एफ. नरीमन, न्यायमूर्ति ए.एम. एसपीआरई, जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस जस्टिस कौल और जस्टिस एस अब्दुल नजीर शामिल थे।
.
टैग: गोपनीयता का मुद्दा, Whatsapp, व्हाट्सएप अकाउंट
पहले प्रकाशित : 9 दिसंबर, 2023, 19:54 IST
