अवलोकन कुमार/झुंझुनू. बिहार में रहने वाले कृष्णा अपने भाई के साथ मिलकर पिछले साल से चल रहे हैं कृष्णा छोले कुलचे के नाम से स्टॉल. कृष्णा ने अपने छोले कुलचे स्टॉल के बारे में जानकारी देते हुए बताया है कि जो व्यक्ति एक बार के स्टॉल पर कुलचे की प्लेट खा के जाता है वह जरूर दिखाता है। पिछले साल से अपने छोटे भाई के साथ मिलकर ये स्टॉल चल रहे हैं।
कृष्णा ने जानकारी देते हुए बताया कि स्टर्लिंग से ही उनका यह स्टॉल अच्छी क्वालिटी की वजह से बहुत ही अच्छा चल रहा है। वे सुबह 9.30 बजे से रात 8:00 बजे तक अपने स्टॉल पर छोले कुलचे शेयर करते हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने कुल्चों को घी के साथ मुफ्त में देते हैं, साथ ही उनमें ही थीम मेथी धनिया के टुकड़े और भी आकर्षक बना देते हैं। कुलचे बनाने के बारे में जानकारी में बताया गया है कि कुलचे में मैदा और सूजी मिलाकर बनाई जाती है. जिसमें मैदा सबसे ज्यादा होती है और जब खाने से पहले सिकाई करके जाती है तो ग्राहक को बहुत अच्छा लगता है।
प्रतिदिन 120 प्लेट की बिक्री
कृष्णा ने बताया कि छोले कुलचे के साथ गाजर और हरी मिर्च का अचार भी दिया जाता है. छोले कुलचे की कीमत के बारे में जानकारी में बताया गया है कि एक छोले कुलचे की प्लेट की कीमत 40 रुपये है। एक दिन में 120 प्लेट बेचते हैं। उनका यह स्टॉल नेहरू गार्डन के पास स्टॉकिस्ट रजिस्ट्रार के साइड में है। जिस पर पुराने आध्यात्म के समय अच्छी मस्जिदों की भीड़, लोगों की भीड़ है। इसके अलावा हर समय उनके पास कोई न कोई हमें अकेले कुलचे का आनंद लेते मिलेंगे।
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पहले प्रकाशित : 9 दिसंबर, 2023, 19:47 IST
