धीर राजपूत/फ़िरोज़ाबाद: समोसा हर भारतीय की पहली पसंद होता है, जिसे लोग बेहद पसंद करते हैं. सुबह हो शाम समोसा चाय या कोल्ड्रिंक के साथ हमेशा पसंद किया जाता है. लेकिन एक ठेले पर मिनी समोसा तैयार होता है। जो एक दम छोटा पैक बड़ा धमाका है. देखिए ये छोटे-छोटे बच्चे स्वाद में ये बड़ों-बड़ों को देते हैं टक्कर. लोग मिनी सोमोसे के दीवाने हैं और बहुत दूर-दूर से खाने वाले भी आते हैं। शाम को ठेले पर खूब भीड़ दिखाई देती है. यहां आज भी समोसे सिर्फ 1 रुपये प्रति पीस मिलते हैं.
मुजफ्फरपुर के आसफाबाद के मिनी समोसे का ठेला पर छपे विज्ञापन के दिग्गज दिग्गज रंजीत कुमार का कहना है कि वह इन मिनी समोसे को बिल्कुल शुद्ध तरीके से और छोटे आकार में तैयार करते हैं। वह आलू को मंडी से नहीं बल्कि गांव में किसान-किसानों से आलू लेकर आते हैं और फिर तैयार करते हैं। इसके साथ ही समोसे में डाले जाने वाले को घर पर मिक्सी से पीस कर तैयार कर लेते हैं, जिससे समोसे का स्वाद बढ़ जाता है.
मिनी समोसा और 2 तरह की चटनी
इसके साथ ही रेज़्यूमे ने बताया कि समोसे के साथ दो तरह की चटनी, पालक की चटनी और हरी मिर्च की चटनी दी जाती है। आज शतरंज के दौर में भी 1 रुपये का समोसा है। गुड़गांव के लोग यहां रोज समोसा चखने आते हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों और खास तौर पर बच्चों का ध्यान समोसे के आकार और दाम को कम करने में रखा गया है. बच्चों की पहली पसंद हैं ये छोटे समोसे. खाने में ये समोसा बेहद ही करारा होता है.
ग्राहक क्या कहते हैं?
दिग्गजों ने बताया कि उनका समोसा काफी दूर-दूर तक मशहूर है। लोग चटखारे लेकर खाते हैं और घर के लिए स्ट्रैटेजी भी करवाते हैं। मिनी समोसा खाने के लिए चौधरीबाद शहर, शिकोहाबाद, गोदाम और पर्यटकों से लोग आते हैं। वहीं इंवेल ने बताया कि वो काफी समय से यहां के समोसा खा रहे हैं। ऐसा स्वाद और कहीं नहीं. सस्ता होने का कारण साइज छोटा है, लेकिन टेस्ट डायनामिक है। और 10 रुपए में पेट भरना शुरू हो जाता है।
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पहले प्रकाशित : 9 दिसंबर, 2023, 14:19 IST
