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अब रोना नहीं पड़ेगा प्याज के पहाड़, BARC की तकनीक ने कमाल कर दिया, विपक्ष भी नहीं छुएगा आसमान


नई दिल्ली. साल भर में परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) की इकाई भाभा एटोमिक रिसर्च सेंटर (बीएआरसी) ने बड़ी सफलता हासिल की है। बार्क ने रेड एजुकेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग करके इंटिग्रेटेड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का विकास किया है। इससे प्याज को लंबे समय तक संग्रहित किया जा सकता है। सालभर की प्याज़ की कीमत भी पक्की हो सकती है, जिससे इसकी कीमत भी दार्शनिक रूप से रखी जा सकती है।

की खेती करने वाले किसान और व्यापारी सामान और आँगन प्याज जैसे दृश्यों का भी सामना करते हैं। इन कारणों से प्याज के बाजार भाव में उतार-चढ़ाव होता रहता है और फसल के भंडार में भी भारी नुकसान होता है। ऐसे में बार्क ने अपने शोध, विकास और मार्शल प्लांट से इंटीग्रेटेड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का विकास किया है। इसमें प्याज को रेड एसोसिएशन से लॉन्च किया गया है।

इस तकनीक से विशिष्ट कोल्ड स्टोरेज में प्याज को अब साढ़े सात महीने में सबसे ज्यादा स्टोर किया जा सकता है। जाहिर तौर पर इस तकनीक का इस्तेमाल कर अब निर्माण के बाद होने वाले नुकसान को नियंत्रित किया जा सकता है और साल दर महीने अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज की मसाला पर्यटकों की संख्या को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके साथ ही प्याज़ की दुकान को फिजियोलॉजी में भी रखा जा सकता है। इसका लाभ बड़े पैमाने पर किसान, किसान संगठन और स्टार्स को मिलें।

BARC ने केंद्र सरकार के मंत्रालय के साथ काम किया
इसके लिए बार्क ने उपभोक्ता विभाग मामले, भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहयोग संघ और केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले मंत्रालय के साथ एक सिद्धांतयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें कोल्ड स्टोरेज के साथ विकिरण प्रौद्योगिकी का उपयोग करके प्याज के संरक्षण पर बड़े पैमाने पर परीक्षण शामिल है। नासिक के लासलगांव में 1000 टन प्याज की इस तकनीक से की गई जो हर पैमाने पर पूरी तरह से अलग निकली। यह बड़े पैमाने पर प्याज की गुणवत्ता और ताजगी को संरक्षित रखने का एक प्रभावी उपाय साबित हुआ है।

लासलगांव के कृषि संरक्षण केंद्र का नारा बनाया गया
इस प्रौद्योगिकी के उपयोग के लिए लासलगांव स्थित कृषि उत्पादन संरक्षण केंद्र (कृषक) को आधिकारिक तौर पर लागू किया गया है। यहां 250 टन क्षमता का अपनी तरह का पहला इंटीग्रेटेड ओनियन स्पेसिफिक कोल्ड स्टोरेज है। यहां 65% नियंत्रित एसोसिएट्स की सुविधा है जो रेडिएशन द्वारा संचालित प्याज को लंबे समय तक अच्छी कंपनियों के रखरखाव में सक्षम बनाती है। यहां हाल ही में आयोजित किसान मेले में किसानों को रेडिएशन टेक्नोलॉजी के अध्ययन के बारे में बताया गया।

इस मौके पर परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव और परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉक्टर अजित कुमार मोहंती ने संरक्षण से जुड़ी मूर्तियों और किसान मेले के आयोजन की शोभा बढ़ाई। बार्क मुंबई के निदेशक विवेक भसीन ने बताया कि भारत में खाद्य संरक्षण की दिशा में बड़े पैमाने पर परीक्षण के दौरान रेड रिलीज से कृषि उत्पादों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण कदम है।

टैग: प्याज की कीमत, प्याज उत्पादन



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