वर्ष 2019 पाठक/अलवर. अन्य उत्पाद में सबसे प्रमुख उत्पाद है, अलवर मंडी देश में नासिक के बाद दूसरी की प्याज बड़ी मंडी है। पूर्वानुमान का लगातार अन्य राज्यों तक बेहतर प्रदर्शन हो रहा है। दूसरे राज्य तक जाने के लिए अलवर से ट्रेन बुक कराई गई थी। जिससे करीब 45% की आयतें थीं. लेकिन इस बार रियायती बैठक के साथ लाल प्याज ट्रक के माध्यम से दूसरे राज्यों तक पहुंच जाएगी। हालाँकि, व्यापारी ट्रैकों के माध्यम से ऑनलाइन असम तक तीन दिनों में पहुँच जाते हैं। वहीं, अन्यत्र का लाल प्याज ट्रेन के माध्यम से असम तक जाता है तो इसमें काफी समय लगता है।
ओब्जेक्शन के आढ़ती सौरभ कालरा ने बताया कि पहले किसानों की ट्रेन ओएनजीसी के माध्यम से झारखंड और असम तक जारी थी। लेकिन इस बार रेलगाड़ी से असम नहीं जाएगा। इसका कारण यह है कि सीमांत व्यवसाय समाप्त होने के बाद अब इस ट्रेन के माध्यम से भेजे जाएंगे तो उनका डुगना स्टोर बंद हो जाएगा। पहले किसान स्पेशल ट्रेन से रेलवे स्टेशन पर 45% की लेबल्स थी। बता दें 2021 में 216 पिज्जा टन असम तक ट्रेन के माध्यम से उपयोग किया गया था।
पेज की जानकारी
सौरभ कालरा ने बताया कि पहले 2021 में रेलवे स्टेशन असम से ट्रेन के माध्यम से किसानों के लिए स्पेशल ट्रेन की मांग की गई थी, अब उन्होंने बंद कर दिया है, इसलिए इस बार रेलवे का लाल प्याज असम तक चला जाएगा। उन्होंने बताया कि ट्रैक्स के माध्यम से जाने वाला पेज 3 दिनों में असम तक पहुंच गया है, ट्रेन से इसे रवाना करने में अधिक समय लगता है, जिससे लाल प्याज खराब होने का खतरा भी बना हुआ है, क्योंकि रेलवे के लाल प्याज में ज्यादातर लोग रहते हैं। इसकी मशीनरी की क्षमता कम है. रोडवेज मंडी में प्याज की बंपर आवक शुरू हो गई है। पिछले कुछ समय से मंडी में 35000 से ज्यादा कट्टो की आवक हो रही थी। यह गाड़ी शुरुआती समय में करीब 70000 कट्टे प्रतिदिन तक पहुंचती थी। लेकिन बीच में समुद्र खराब व प्याज की झील में प्याज के कट्टो की आवक में कमी आई। लेकिन एक बार फिर से प्याज के कट्टो की संख्या बढ़ती जा रही है और लगातार प्याज के कटे दूसरे राज्यों तक जा रहे हैं।
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पहले प्रकाशित : 11 दिसंबर, 2023, 19:05 IST
