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ठंड के मौसम में बढ़ती है डायबिटीज के मरीजों की सेहत, डायट के बारे में जानें इन बातों का खास ध्यान


धीर राजपूत/फ़िरोज़ाबाद : गुड़गांव में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ऑक्सीजन की बीमारी से पीड़ित लोगों को बहुत जल्दी थकान महसूस होने लगती है। साथ ही साथ छोटी सी मंदी पर भी मंदी छाई रहती है। ऑक्सीजन की बीमारी का कारण से मोटापा, थकान और कमजोरी होती है। पूर्वी सीज़न में जिला अस्पताल में एक दिन में सैकड़ों मरीज डाय बस के लिए आ रहे हैं। इस सीजन में डॉक्टर भी दीया साधिका की सलाह को बहुत ही सावधानी की सलाह देते हैं।

मरीज़ों को अक्सर डायसिस शब्द का प्रयोग किया जाता है। आम बोलचाल की भाषा में अक्सर आपके आस-पास यह बात सुनने को मिलती है कि फलां की किडनी खराब है, इसी वजह से हॉस्पिटल में उसका डाया जा रहा है। साइंटिस्ट है कि डाया बस के दौरान मरीज के खून को साफ करने की कोशिश की जाती है। क्योंकि किडनी खराब होने के बाद इंसान का ब्लड साफ नहीं हो पाता है तो ऐसे में डाय सिस्ट के जरिए उसे साफ करने की कोशिश की जाती है। इस पूरे मसाले के दौरान खून में जमा गंदगी, और विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं। डायरैसिस के दौरान एक बात का खास मकसद यह है कि मरीज के शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का स्तर बढ़ रहा है।

बढ़ती रही दोस्ती की संख्या
डाया बस स्पेशलिस्ट डॉक्टर मनोज कुमार ने बताया कि अभी अस्पताल में रोजाना 50 से 60 मरीज डाय बस करने के लिए आ रहे हैं। यह ऐसे रोगी हैं जो गुर्दे के अंतिम चरण में पहुंच गए हैं और डाया बस के अलावा इन रोगियों के लिए कोई अन्य उपचार संभव नहीं है।

कब बूडा है डाया बाबा की जरूरत?
फैजाबाद जिला अस्पताल के डॉक्टर मनोज कुमार ने डाया बस के लिए दी सलाह या फिर यूँ कहें कि दोनों किडनी पूरी तरह से फेल है। किडनी फेल होने का खतरा खासतौर पर उन लोगों में सबसे ज्यादा बढ़ता है जो मरीज़ या बीपी के मरीज़ हैं। उन्हें किडनी फेल होने की समस्या हो सकती है.

डायसिस के वक्त इन बातों का ध्यान
⦁ ब्लड सप्लाई और शुगर की जांच समय-समय पर करवानी चाहिए।
⦁ डॉक्टर की सलाह के अनुसार डॉक्टर-पीने की दवा का इस्तेमाल करना चाहिए.
⦁ डायसिस के वक्ता शरीर को संक्रमण से बचाने की जरूरत है। इसके लिए साफ-सफाई की बहुत ही महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
⦁ किडनी के रोगी को पानी और अन्य तरल पदार्थ कम से कम पीने के लिए कहा जाता है। ऐसे लोगों को डाय बसी पर जाने से पहले और बाद में कम से कम पेय पदार्थ पीना चाहिए।
⦁ जिन मरीजों को भी दवा दी गई है उन्हें निर्धारित समय पर दवा लेना जरूरी है

(ये लेख सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय के बारे में पहले डॉक्टर से सलाह लें। न्यूज 18 किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं करता है)

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