उत्तर
सिंघाड़ा खाने से आपको कोलेस्ट्रॉल, ब्लड कंसल्टेंसी सहित कई परीक्षणों से राहत मिल सकती है।
यह फल दिल की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है और इसका सेवन शुगर में भी होता है।
सिंघाड़े के स्वास्थ्य लाभ: अगर आपसे पूछा जाए कि पानी में उगने वाला फल कौन सा है, तो आपका जवाब सिंघाड़ा होगा। यह एक ऐसा फल है, जो जून से दिसंबर के बीच मिलता है और लोग इसे काफी पसंद भी करते हैं। यह फल दिखने में भले ही स्थापत्य दिखता है, लेकिन अनगिनत अनोखा व्यक्तित्व से प्रबल होता है। सिंघाड़े में विटामिन ए, विटामिन सी, मैग्नीज, कार्बोहाइड्रेट, फॉस्फोरस, शहद, मैग्नीशियम सहित पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो इसे बेहद ही कमजोर बना देते हैं। सिंघाड़ा में कई बैचेनी से उबरना संभव है और आयुर्वेद में इसे स्वास्थ्य के लिए बढ़ावा दिया गया है। कई शोधों में भी सिंघाड़े के आदर्श पर मुहर लगाई गई है। इसे कच्चा या स्टॉकर दोनों तरह से खरीदा जा सकता है। इसके बड़े फायदे आपको जरूर जानने चाहिए।
रामबाण में क्रोनिक डिजीज से बचाव – सिंघाड़ा को कई क्रोनिक शेल्फ़ में बेहद प्रभावशाली माना जा सकता है। हेल्थलाइन की रिपोर्ट सिंघाड़ा पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट फेरुलिक एसिड, गैलोकैटेचिन गैलेट, एपिकैटेचिन गैलेट और कैटेचिन गैलेट का एक बड़ा स्रोत है। ये प्रमाणित शरीर ऑक्सीडेटिव तनाव से बचने में मदद करते हैं, जिससे पुराने बीमाकर्ताओं को ठीक किया जा सकता है।
रक्त की मात्रा नियंत्रित कर सकते हैं- सिघाड़े को हाई ब्लड प्रेशर के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। इस फल में प्रचुर मात्रा में पोटैशियम पाया जाता है, जो उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद करता है। इसमें मौजूदा ब्लड वर्कशॉप की शुरुआत होती है। सिंघाड़े में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है, इसके कारण इसके सेवन से स्वास्थ्य को कोई नुकसान नहीं होता है।
दिल और सेहत के लिए बढ़िया – सिंघाड़े को ख़राब स्वास्थ्य को कम करने वाला माना जाता है और हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाला माना जाता है। सिंघाड़े में फ़्रेमवर्क फ़ाइत होता है जो बैड ओल्ड को कम करता है। यह बैड ऑल्टो के साथ ट्राइग्लिसिराइड्स को भी नियंत्रित करता है। इसके सेवन से दिल की सेहत बेहतर होती है और हार्ट डिजीज का खतरा कम हो सकता है।
दोस्तों के लिए खोजें – सिंघाड़ा बकवास का एक बड़ा स्रोत है। कई शोधों से पता चलता है कि प्रचुर मात्रा में आहार से ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। फ्रूट बाउल इनोवेशन में सुधार होता है और आपके पेट को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है। कच्चे सिंघाड़े में 74% पानी होता है, जो शरीर को वर्गीकृत किया जाता है।
कैंसर से बचाव करना भी संभव नहीं – सिंघाड़े के गुड में फेरुलिक एसिड की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट होता है। यह एसिड आयोडीन युक्त तनाव और कैंसर के खतरे को कम करने से हुआ है। कई रिसर्च में ये बात सामने आई है. इंफेक्शन से पीड़ित रहने वाले लोगों के लिए सिंघाड़ा की सजावट हो सकती है और इसके सेवन से वजन कम करने में मदद मिल सकती है।
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पहले प्रकाशित : 13 दिसंबर, 2023, 11:00 IST
