
भारत के पड़ोसी देशों को आय स्टॉक की आर्थिक मदद
श्रीलंका समाचार: कंगाली के दावे से डॉलर से लेकर भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका को आई कमाई से करोड़ों अमेरिकियों की सहायता मिलने वाली है। यह सहायता श्रीलंका के लिए काफी अहम है। ऐसे समय में जब चीन अपने कर्ज के जाल में फंस रहा है। यह बड़ी अमेरिकी मदद श्रीलंका के लिए काफी काम की है। आई क्रिस्टोफर एक्जीक्यूटिव बोर्ड ने श्रीलंका के साथ 48 महीने की कोचिंग सुविधा के तहत पहली समीक्षा पूरी तरह से ली है। इस संकट से जूझ रहे देश को व्यापक आर्थिक और ऋण स्थिरता बहाल करने के लिए करीब 33.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर की सहायता दी जाएगी।
कुल कर्ज का 52 फीसदी हिस्सा चीन को देना जरूरी
इस बारे में श्रीलंका के वयोवृद्ध मिशन के प्रमुख पीटर ब्रेउर ने अपनी घोषणा में यह भी बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा 2.9 अरब अमेरिकी डॉलर जारी करने की पहली समीक्षा चीन के साथ ऋण पुनर्भरण का कार्य अत्यंत विश्वास आधार के रूप में समाप्त होने वाली है। किया गया. श्रीलंका ने अपने कुल कर्ज का 52 प्रतिशत हिस्सा चीन को दे दिया है।
आई स्टॉल ने की समीक्षा
ब्रेउर ने मंगलवार को एलिजाबेथ से कहा, ‘सैद्धांतिक रूप से चीनी समझौते, श्रीलंका के ऋण रिलैक्शन वार्ता के लिए बेहद अच्छी खबर है। ‘अधिकारियों द्वारा देखा गया एल्युमीनियम ट्रस्ट आधार पर साझा किए गए एक्वायर्ड के प्रमुख वित्त कार्डों का स्टॉक है।’ आई स्टॉल ने मंगलवार देर रात पूरे और द्वीप राष्ट्र को 33.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर की दूसरी किश्त जारी करने की मंजूरी दे दी। इससे चार साल की सुविधा में संवितरण की कीमत 67 करोड़ अमेरिकी डॉलर हो गई।
प्रतिष्ठान में स्थापित किया गया था
पिछले साल श्रीलंका में काफी हंगामा हुआ था। इंडोनेशिया की जनता ने सप्ताहांत पर उतरकर विद्रोह किया था। इसके बाद इंडोनेशिया में नेशनल लगा दिया गया था। दरअसल, पूर्व राष्ट्रपति गोताबाया राजपक्षे का प्रमुख विरोध हुआ था। इसके बाद गोताबाया के देश से आंदोलन के खत्म होने की उम्मीद थी, लेकिन प्रधानमंत्री राणिल विक्रम सिंघे को राष्ट्रपति बनाए जाने के बाद आंदोलन फिर से उग्र हो गया था।
