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बॉडी असिस्टेंटकैनर से गैलरी में कांच के ग्लास तक… सुरक्षा में सेंध के बाद संसद में स्थापना-कुछ बदला जाएगा? ‘अभेद’ होगा सुरक्षा तंत्र


नई दिल्ली. सोसाइटी में संग्रहालय गैलरी के मध्योग्यम से दो स्मारकों के प्रवेश के बाद संसद की सुरक्षा पर बड़े पैमाने पर प्रश्नचिह्न हो गए हैं। तत्काल प्रभाव से संसद में पादरी के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया। भविष्य में इस तरह की घटना न हो, इसे लेकर स्थिर कदम उठाए जा रहे हैं। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना से सबक लेते हुए संसद की सुरक्षा को लेकर बड़े बदलाव किए जाने पर सहमति बनी है। विपक्ष और विपक्ष की बैठक की मुख्य गैलरी में कांच के शीशे के बर्तन ताकि फिर कभी कोई कलाकार पहली मंजिल से सामान्य जुड़ाव की सदस्यता के बीच में न कूद सके। बताया गया कि नए बदलावों के तहत डेमोक्रेट, लोकसभा-राज्यसभा के कर्मचारियों और प्रेस के लोगों के प्रवेश के लिए अलग-अलग दरवाजे खोले जा रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस ड्रेजिंग वाली घटना के बाद सिक्योरिटी प्रोफाइल को वाइटापैक चेंज किया जाएगा, जिसके तहत जब भी स्टेडियमर्स को संसद भवन के अंदर आने की अनुमति दी जाएगी तब तीमारदारों को प्रवेश द्वार से प्रवेश मिलेगा। कर्मचारियों, कर्मचारियों और प्रेस को अलग-अलग प्रवेश द्वार दिए जाएंगे। इसके अलावा, हवाई अड्डे पर ही बॉडी स्कैन मछुआरा संसद में मित्र मांग। लोगों को सदनों की कार्यवाही के बीच कूदने से रोकने के लिए अब संग्रहालय गैलरी को कांच से जोड़ा जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉर्ड्स के अंदर सुरक्षा कर्मियों की संख्या भी बढ़ाई गई है।

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बॉडी डॉक्यूमेंट्री कैनर से राक्षस गैलरी में कांच के ग्लास तक… सुरक्षा में सेंध के बाद संसद में स्थापना-कुछ बदलाव होगा?

अल्पसंख्यक ने नामांकन कहा?
संसद सुरक्षा में नाकामी मामले में कर्नाटक से सांसद न्यूनतम प्रताप सिंह भी कठघरे में हैं। उन्दहें के कोटे से जारी किए गए रॉबर्ट सागर शर्मा की मदद से नए संसद भवन में ताला लग गया था। रविवार शाम वो अपना पक्ष रखने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति ओम बिरला से मुलाकात करेंगे। अधिकारियों के अनुसार उनका कहना है कि वह समुद्र तट के पिता को जानते थे। पिता से जान पहचान के कारण ही वो कॉन्स्टेंट संपर्क में थे। बहुमत नई संसद देखनी थी। उदाहरण के लिए पुरातत्व संग्रहालय पासरिलीज कर आने की आखिरी तारीख थी।

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