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संसद सुरक्षा उल्लंघन: जब संसद में सेंध की साजिश शुरू हुई, तो पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए


नई दिल्ली। 2001 के 22वें संसदीय हमलों में सेंध की सुरक्षा में सेंध की साजिश रचने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस लगातार दो कट्टरपंथियों की तलाश में नागालैंड में डकैती कर रही है। गिरफ्तार किए गए किसानों की पहचान सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल शिंदे और निज़ाम आज़ाद के रूप में हुई है।

संसद के दर्शक दीर्घा से विधायकों की झलकियां पर कूदने वालों की पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन डी के रूप में हुई थी, जबकि अमोल शिंदे और आजाद को संसद भवन के बाहर छुट्टियां मनाने और पीला पाउडर छिड़कने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ़्तार किए गए सभी फ़ोर्ट सेलेब्रिटी पुलिस की मर्करी पेशेल सेल के साथ-साथ साइंटिस्ट जेन्स बटुएरो की टीम से भी पूछताछ की जा रही है।

गोदाम के मुताबिक, अभी तक की पूछताछ में बड़े खुलासे हुए हैं। मसलन, स्ट्रक्चर में सभी बायोडाटा शामिल 4 साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी पता चला कि सभी आम सोशल मीडिया के फैन क्लब के माध्यम से एक-दूसरे के संपर्क में आए और उसी समय से एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए थे। इसके अलावा, पुलिस आरोपियों के सोशल मीडिया नेटवर्क और संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में पता लगा रही है।

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हमलावर पास के लिए तीन महीने से कर रहे थे जद्दोजहद
भाजपा सांसद प्रताप सिंह के कार्यालय ने पुलिस को जानकारी दी है कि मनोरंजन और सागर में पिछले तीन महीनों से सीटों पर बैठने वालों के लिए प्रयास किया जा रहा है। नाबालिग प्रताप सिम्हा से मिली जानकारी के आधार पर यह अन्वेषण की भी कोशिश कर रही है कि तीन महीने से संसद में सेंध में शामिल होने की योजना पर काम कर रहे थे। पुलिस इन सभी दस्तावेजों के जवाब जांच के लिए सभी तीन के मोबाइल सहित सभी डिजिटल डिजिटल बरामदगी की कोशिश कर रही है।

संसद सुरक्षा उल्लंघन: जब संसद में सेंध की साजिश शुरू हुई, तो पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए

सेंध लगाने से पहले की थी संसद भवन की रेकी
सिद्धांत के अनुसार, स्क्रैच कब से रची जा रही है और इसमें किस-किस के बीच में एक संवाद हुआ, यह सभी को जवाब मोबाइल मीटिंग के साथ मिलेगा। साथ ही, इस बात का भी खुलासा हो गया कि कर्नाटक, महाराष्ट्र, कोलकाता और हरियाणा से ये सभी एक साथ कैसे आए। उल्‍लेखनीय है कि विश्विद्यालय को सबसे पहले सभी बुनियादी ढांचे, गुड़गांव के एक घर में अभिलेख दिए गए थे और साजिश को अंजाम देने से पहले संसद भवन की रेकी भी की गई थी।

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