सिमरनजीत सिंह/शाहजहांपुर: जैसे-जैसे बोर्ड एज़मैजिट के पास जा रहे हैं। छात्र-छात्रों का मानसिक तनाव भी सबसे अधिक तेजी से बढ़ रहा है। ज़रूरत से ज़्यादा स्ट्रेस लेने से कई बार पढ़ा हुआ याद नहीं रहता। ऐसी स्थिति में योगाभ्यास और ध्यान विद्यार्थी-विद्यार्थी के लिए रामायण सिद्ध हो सकता है। योग प्रशिक्षकों का कहना है कि कुछ योगासन करने से मानसिक तनाव दूर हो जाएगा और आप अपना योग भी अच्छे से दे देंगे।
जिले के योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के योग प्रशिक्षक अभिनव शुक्ला का कहना है कि अगर योग और ध्यान को शामिल कर लें तो आप खुद को तरोताजा महसूस करेंगे। ऐसे में छात्र-लाइक परीक्षा की स्ट्रेस से भी बचकर रहें। नवीन शुक्ला का कहना है कि ताड़ासन, त्रियक ताड़ासन, शशांकासन और भ्रामरी प्राणायाम विद्यार्थी-छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी हो सकते हैं।
इन आसनों से दें तनाव को मत
योग प्रशिक्षक अभिनव शुक्ला का कहना है कि तिर्यक ताड़ासन और शशांकासन के नियमित अभ्यास से शरीर लचीला बनता है। तिर्यक ताड़ासन से मेरुदंड की अच्छी मालिश होती है। इसके नियमित अभ्यास से अभिलेखों और कमर की चार्बी कम होती है। कमर पतली हो जाती है. जो लोग लंबाई में छोटे हैं, उन्हें भी तिर्यक ताड़ासन करना चाहिए। यह आसन लगातार करने से शरीर चुस्त बना रहता है, जिससे आपको परीक्षण में बेहद मदद मिलती है।
रामबाण है भ्रामरी प्राणायाम
योग प्रशिक्षक अभिनव शुक्ला का कहना है कि भ्रामरी प्राणायाम विद्यार्थी-विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ही लाभकारी सिद्ध होगा। भ्रामरी प्राणायाम मन को शांत करता है और शरीर को फिर से जीवंत बनाता है। तनाव और चिंता को दूर करें. भ्रामरी प्राणायाम निरंतर करने से एकाग्रता बढ़ती है। नियमित रूप से पर करने से मन स्थिर होता है, मानसिक तनाव दूर होता है।
देर रात तक जागकर पढ़ाई ना करें
इसके अलावा योग प्रशिक्षक अभिनव शुक्ला का कहना है कि जरूरी है कि देर रात तक जागकर पढ़ाई न करें। नियमित रूप से पूरी नींद और खान-पान पर विशेष ध्यान दें। बाहरी खानपान को पूरी तरह से त्याग दें। जिससे आपका शरीर पूरी तरह से स्वस्थ रहे और आपको बेहतर परिणाम मिले।
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पहले प्रकाशित : 13 दिसंबर, 2023, 15:12 IST
