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कोरोना के बाद साल 2023 में घरों में किराए पर ली गई अपार्टमेंट की तस्वीरें सामने आईं।
नोब्रोकर की रिपोर्ट के मुताबिक भारत के बड़े शहरों में किराया 30 फीसदी तक बढ़ गया है।
2023 में मकान का किराया समाचार: कोरोना के बाद, कॉलेज की दुकानों से जहां लोगों को राहत मिली, वहीं प्लास्टिक फैक्ट्री ने हाहाकार बनाया है। नौकरी-रोजगार के अलावा पढ़ाई के लिए बड़े शहरों और कस्बों में रहने वाले लोगों का रुख करने वाले लोगों की नौकरी के घर के आसमान छुटे हुए ने खाली कर दी है। हाल ही में आए एक सर्वे के मुताबिक देश में नौकरी-रोजगार और शिक्षा का हब माने जाने वाले कई बड़े शहरों में घरों के किराए पर रिकॉर्ड झुग्गी-झोपड़ी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2023 में घर का किराया 30 फीसदी तक बढ़ गया है।
हाल ही में रियल एस्टेट वेबसाइट नोब्रोकर (NoBroker) ने एक डेटा जारी किया है। नोब्रोकर की पोर्टफोलियो रिपोर्ट में बताया गया है कि अगले साल यानी साल 2024 में 65 फीसदी भारतीय अपना घर खरीदना चाहते हैं। इसके पीछे हाउस रेंट की शुरुआत एक बड़ी वजह है।
बेहद दिलचस्प क्लिनिक की रिपोर्ट तैयार करने के लिए 32,000 लोगों के सर्वेक्षण में ज्यादातर लोगों का जवाब था कि वह घर खरीदना चाहते हैं क्योंकि कहीं भी बाहर रहने के लिए घर का बिजनेस यानी किराए पर बहुत ज्यादा भुगतान करना पड़ रहा है। यह किराए के महीने भर के राशन से भी परिचित है। सर्वे में 41 फीसदी लोगों का कहना था कि वे किसी संपत्ति को किराए पर लेने के बजाय घर खरीदने वालों की तुलना में सबसे बेहतर हैं।
रिपोर्ट के अनुसार भाड़े का मामला बेंगलुरु शहर में सबसे पहले सामने आया है। यहां मकान या फ्लैट के किराये में 24 प्रतिशत का आकलन किया गया है। इसके बाद दूसरे नंबर पर चेन्नई है जहां रूम का किराया 18 फीसदी और रेजिडेंट में 16 फीसदी की होटलरी देखी गई है। जबकि दिल्ली में रिलायंस इंडस्ट्रीज 15 फीसदी और मुंबई में 14 फीसदी तक बढ़ी है। हालाँकि, गुड़गांव आदि शहरों का किराया 20 से 25 प्रतिशत भी बढ़ा है।
सर्वे में शामिल 27 प्रतिशत भारतीयों ने कहा कि वे घर खरीदना चाहते हैं क्योंकि वे ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं। वहीं 23 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे संपत्ति के मालिक बनना चाहते हैं ताकि उनके लिए एक आदत तय हो सके। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 9 फीसदी लोगों ने कहा कि वे घर सिर्फ इसलिए खरीदना चाहते हैं क्योंकि उनकी शादी होने वाली है।
सर्वे में इस बात का भी जिक्र है कि 56 प्रतिशत मकान मालिक ने अपनी संपत्ति का किराया बढ़ाया है। सबसे ज्यादा 35 फीसदी ने लार्सन 10-20 फीसदी तक की बढ़ोतरी की बात की। वहीं 33 प्रतिशत ने किराए में 20 से 30 प्रतिशत और 28 प्रतिशत ने 10 प्रतिशत से कम उद्यमशीलता की बात की। 4 फ़ीसदी मकान मालिक ऐसे भी हैं जिन्होनें शोरूम 30 प्रतिशत से भी ज़्यादा। उनका कहना था कि आज घर किराए पर लेना आसान हो गया है और बाकी 86 प्रतिशत मकान मालिक निवेश के लिए दूसरे स्वामित्व वाले निवेशकों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
एक्सिओम लैंडबेस प्राइवेट लिमिटेड के ट्रांसपोर्टिंग डायरेक्टर सराफ का कहना है कि राजेश ने कहा कि कोरोना के बाद लोगों की प्रतिष्ठान बदल दिए गए हैं। अब लोग अपने घर में रहने की जगह अपने घर में रहकर ज्यादा पैसा ले रहे हैं। यही वजह है कि एकाएक रियल एस्टेट सेक्टर कॉन्स्टेंट डेवलपमेंट के टॉप पर है और सबसे अच्छा निवेश विकल्प भी साबित हो रहा है। लोगों का लग रहा है कि यह एक सुरक्षित निवेश बन रहा है जिसमें समय के साथ अच्छा रिटर्न भी मिलता है और टैक्स के साथ-साथ बचत भी होती है।
अंसल भंडार के निदेशक कुशाग्र अंसल ने कहा कि भारत में रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश के लिए सबसे पसंदीदा विकल्प बन गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2022 में 71 फीसदी का समूह, 2023 के अंत तक 74 फीसदी भारतीय रियल एस्टेट में निवेश यानी घर खरीदने का मन बेहतर हो रहा है। किराए और संस्था के बीच कम इंटरेस्ट के जरिए लोगों को घर खरीदने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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पहले प्रकाशित : 14 दिसंबर, 2023, 12:04 IST
