रूपांशु चौधरी/हजारीबाग. असली का मौसम जोरों पर है। बारिश के बाद प्रकृति में ठंड और भी बढ़ गई है। ऐसे में कई प्रकार के व्यक्तित्व विकार का खतरा रहता है। साथ ही हल्का बुखार और खांसी आम हो जाती है। ऐसे में हमारे किचन में ऐसी कई चीजें मौजूद होती हैं, जिनके उपयोग से हम इन चावला बिमारी को दूर कर सकते हैं।
पिपरियात के महेश सोनी चौक गोला रोड पर स्थित प्लास्टिक डायनासोर के डॉक्टर शिष्या के शिष्य हैं, जो हमारे घर-घर तक पहुंचते हैं। इनमें प्रमुख रूप से सर्दी, खांसी और बुखार शामिल हैं। इन सभी परीक्षाओं में हम आम तौर पर अंग्रेजी दवा लेते हैं। अधिक दवा का सेवन हमारे लिए भी उपलब्ध हो सकता है। ऐसे में हमारे किचन में कई ऐसे सामग्रियां हैं जिनकी मदद से हम इन सब से ठीक हो सकते हैं। साथ ही जिम्मेदारी भी निभा सकते हैं
ये चाहेगी सभी तालाबों से दूर
डॉ. वास्तुशिल्पी के अनुदेशक अनुलेख हैं कि हम सभी के लिए इस कोल्डके की चाय कई थैलियों से बचाई जा सकती है, लेकिन इस चाय को बनाने के लिए कुछ बेकार और भी इस्तेमाल करना होगा। इस चाय में किसी भी प्रकार के दूध और चीनी का प्रयोग नहीं करना चाहिए। साथ ही दिन भर में तीन बार सेवन करना है।
ऐसे बनाएं ये खास चाय
इस चाय को बनाने के लिए सबसे ज्यादा पानी को घोलना है, फिर इसमें चाय, लौंग, इलायची, तुलसी पत्ता, अदरक, दालचीनी, सुखी मेथी का पाउडर का मिश्रण तैयार कर अच्छे से खोलना है. फिर इसे अच्छा कर सकते हैं. अगर चॉकलेट लगे तो इसमें चीनी की जगह गुड़ मिलाया जा सकता है. गुड़ की तासीर गर्म होती है. साथ ही यह ठंड में काफी जादुई होता है।
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पहले प्रकाशित : 13 दिसंबर, 2023, 09:35 IST
