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आप भी नहाते समय तो नहीं कर पाएंगे ये सहजता? लकवा, ब्रेन हेमरेज समेत इन सेक्टरों का हो सकता है शिकार, जानें डॉ


विक्रम कुमार झा/पूर्णिया. नहाना हमारी डेली रूटीन का अहम हिस्सा है। संस्थान से हम लोगों को ताजगी आती है है. साथ ही शरीर की पूरी तरह से सफाई भी होती है, इसलिए लोगों को हर रोज न होना जरूरी होता है। लेकिन कई बार इंस्टीट्यूट के दौरान अटेंडेंट्स में हम कुछ ऐसी गलतियां करते हैं, जिसके कारण हमें उनके गोदामों में रखा जाता है। नहाते समय अगर सावधानियां न बरतें तो कई तरह की गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। तो फिर हम आपको बताते हैं कि समुद्र तट पर स्थित होटलों में प्रवेश के दौरान किन सावधानियों की आवश्यकता होती है।

पूर्णिया मेडिकल कॉलेज के विभागाध्यक्ष डॉ.अभय कुमार का कहना है कि एशिया में लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अभी के समय में लोगों की जीवनशैली खराब होने के कारण लाकवा, ब्रेन हेमरेज और हार्ट की समस्या के सीजन में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। यह समस्या हर साल ठंड के मौसम में आती है। इसका मुख्य कारण लोगों की जीवन शैली है, लेकिन लोग अपनी जीवन शैली को बदलना नहीं चाहते हैं। जिसका कारण पूरे लोगों को यादगार बनाना है। आजकल ज्यादातर लकवा के मरीज के ब्रेन के नास ब्लॉकेज हो जाने के कारण वो लकवा रोग से प्रभावित हो जाते हैं। 5% लोगों में ब्रेन हेमरेज़ की छवि हो रही है। लोगों की जीवन शैली के कारण लोग परेशान हो रहे हैं।

सुबह-सुबह संस्थान का सही तरीका
डॉ.अभय कुमार ने बताया कि लोगों की जीवन शैली में स्नान करने का तरीका क्या है ग़लत हो गया है. जिस कारण यह इंतेजार हो रहा है। उन्होंने कहा कि लोग इतने जुड़े हुए हैं कि सुबह नींद से जगने के बाद काम पर जाने के लिए इंस्टालेशन में चले जाते हैं। हॉस्टल में हॉस्टल के क्रम में सबसे पहले सर पर ही पानी डालते हैं, लेकिन बिल्कुल ऐसा नहीं करते। ऐसा करने से आपके शरीर के नास और रक्त का सरकुलेशन चालू रहता है। जिसका कारण शरीर के तापमान को समायोजित करना नहीं है। जिसके कारण नास ब्लॉकेज और संबंधित कई गंभीर बीमारी से पीड़ित हो जाता है। नहाते समय सबसे पहले आप अपने पैर के नीचे पानी डालें। फिर कमर में डाला और फिर मूर्ति और छाती पर डाला। जिसके बाद आपने उस पानी को अपने सर के ऊपर डाल दिया। उन्होंने कहा कि हो सके तो समुद्र में गुनगुने पानी से नहाएं तो यह आपके लिए और भी बेहतर होगा।

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असली में खान-पान की विशेष प्रक्रिया
पूर्वी लोगों को खान-पान पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। ऐसे में लोग खाने-पीने पर खास जोर देते हैं, मटन चिकन और अंडा ज्यादा खाते हैं. जिसके कारण लोगों में रेलवे की बढ़ोतरी होती है। बच्चों के बढ़ने से हार्ट अटैक और लकवा जैसी गंभीर गंभीर समस्या का खतरा बन जाता है। ऐसे में लोगों को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान रखना चाहिए और अपने घर पर ही लोगों को नियमित रूप से व्यायाम करना जरूरी है। जो भी आहार है, उसे नियमित रूप से पर आप निश्चित रूप से रहने दें पर आप स्वस्थ और निरोग रहेंगे।

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