
ब्यौरेवार फोटो।
भारत के अपमान और खिलाफ़ साजिश रचने वाले खालिस्तानियों और खालिस्तानी सोच वाले लोगों को कनाडा लगातार बढ़ावा दे रहा है। भारत के जहर उगलने वाले सिखों को भी वह बरगलाता है और उन्हें अपराध करने की खुली छूट देता है। कनाडा में भारी संख्या में सिख मवाली और अवैध गरीबों की संख्या मौजूद है। बड़े पैमाने पर अपराधियों को सीमा पार तक अवैध पैमाने पर अंजाम दे रहे हैं। साथ ही वह भारत के खिलाफ तरह-तरह की आपराधिक साजिश रच रहे हैं। भोले-भाले सिखाए गए प्लॉट को भी वह अपराध की दुनिया में चित्रित कर रहे हैं। मगर कैनेडा पूरी तरह से सस्ता है। मगर इस बार जिन म्यूजिकल को कनाडा ने पाला, इसमें से ही एक सिख अपराधी ने उसे चकमा दे दिया है।
इस अपराधी को कनाडा में एक मामले में 15 साल की सजा सुनाई गई थी। मगर जेल जाने से पहले ही इस अपराधी कनाडाई अधिकारियों को चकमा देकर भाग निकला। अब कनाडा पुलिस इस अपराधी की तलाश कर रही है। कनाडा के अधिकारी उस ट्रक चालक की तलाश कर रहे हैं जो शराब पदार्थ मामले में दोषी पाया गया था, जो पहले भारत भाग था। खबरों के मुताबिक, 60 साल की ट्रैक्टर चालक अमेरिका से कनाडा में 80 लाख की कोकीन की लोकेशन लेने के मामले में दोषी पाए जाने से पहले भारत भाग गई थी।
ब्रिटिश कोलंबिया की अदालत ने 15 साल की सजा का फैसला सुनाया था
‘सीबीसी’ की खबर में कहा गया है कि प्रिंस मेहमी को 2017 में अपराधी के आरोप में नवंबर में ब्रिटिश कोलंबिया की एक प्रांतीय अदालत में 15 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। ‘वैंकूवर सन’ की खबर के मुताबिक, सजा सुनाए जाने से एक महीने पहले महमी वैंकूवर से भारत भाग गया। ‘रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस’ (आरसी एमपी) के प्रवक्ता ने बताया कि ब्रिटिश कोलंबिया पुलिस ने मेहमी की घुसपैठ और वापसी के लिए इंटरपोल से भी संपर्क किया है। (भाषा)
