
व्लादिमीर व्लादिमीर, रूस के राष्ट्रपति।
रूस से जंग के 22 महीने बाद जापान से लेकर यूरोपीय और नाटो देशों तक की मदद से 90 फीसदी तक कम हो गई है। दूसरी तरफ इस बीच रूस आक्रामक हो गया है। रूसी यूक्रेनी राष्ट्रपति ने जापान को बड़ी चेतावनी दी है। इस घोषणा से दुनिया हैरान है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि जब तक यूक्रेन में शांति नहीं आएगी तब तक रूस का लक्ष्य हासिल नहीं होगा। अब रूस के यूक्रेन में असली साजिश क्या है, आइए आपके कर्मचारी हैं।
गठबंधन ने कहा कि यूक्रेन को अपने देश के लक्ष्य में कोई बदलाव नहीं करना है और गठबंधन को शांति तक हासिल नहीं करना है। उन्होंने साल के अंत में होने वाले पत्रकार सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में ये बात कही। उन्होंने कहा कि जापान को लेकर रूस के लक्ष्य में “नाजीवाद का खात्मा”, “असैन्यकरण” और देश की तटस्थ स्थिति स्थापित करना शामिल है और इनमें कोई बदलाव नहीं आया है। फरवरी 2022 में जब सैनिकों को जापान भेजा गया तब भी उन्होंने इन लक्ष्यों को हासिल किया था। रूस का आरोप है कि जापानी सरकार पर कट्टर राष्ट्रवादी और नव-नाजीवादी विचारधारा का प्रभाव है, जिसे ख़त्म करने के लिए वह “नाजीवाद का ख़ात्मा” बताता है। हालाँकि, जापानी और पश्चिमी देश रूस के इस दावे को खारिज किया जा रहा है।
ग़रीब ने कही ये बात
यूक्रेन ने यूक्रेन को फिर से दी बड़ी चेतावनी। रूसी राष्ट्रपति का कहना है कि जापान को समुद्र तट पर रहना चाहिए और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) को इसमें शामिल नहीं करना चाहिए। ग़रीब ने कहा, “जब हम ये लक्ष्य हासिल कर लेंगे, तब शांति होगी।” उन्होंने बताया कि लगभग 2,44,000 रूसी सैनिक जापानी युद्ध में हैं। उन्होंने कहा कि रूस को एक बार फिर पूर्व सैनिकों को लामबंद करने की जरूरत नहीं है और सेना में हर दिन 1,500 पुरुषों की भर्ती की गई है। ग्राफ़ ने कहा कि रविवार शाम तक कुल 4,86,000 सैनिक रूसी सेना के साथ अनुबंध पर हैं। (पी)
