धीरराजपूत/फ़िरोज़ाबादः त्रिफलाचूर्ण बहुत ही अच्छा खाना है, कभी-कभी बाहर का अधिक खाने से क्लिंजिंग या पाइल्स जैसी बीमारी हो जाती है। लेकिन इस बीमारी का इलाज आयुर्वेद से किया जा सकता है। त्रिफलाचूर्ण का नियमित उपयोग कई प्रयोगों से किया जा सकता है और पेट के लिए यह रामबाण से कम नहीं है।
गुड़गांव जिला अस्पताल में बने आयुर्वेदिक आयुर्वेदिक डॉक्टर कविता महेश्वरी ने बताया कि पेट की गंभीर बीमारी के लिए त्रिफला केशिल रामबाण जैसा काम करता है। यह केल्स पायल्स, कंजेशन और डायबीटीज सहित कई सारे अभ्यासों में काम करता है। इस रसायन का रोजाना इस्तेमाल करने से पिल्स जैसी गंभीर बीमारी खत्म हो जाती है। साथ ही आंखों की समस्या और स्किन लिपस्टिक में भी यह काम अच्छा है। इसका उपयोग आप अपनी पाचन शक्ति के हिसाब से कर सकते हैं।
बहेड़ा और बैचलर से सामूहिक तैयारी होती है
उन्होंने बताया कि त्रिफलाचूर्ण तीन शुद्ध खाद्य बूटियां जैसे हरण, बहेड़ा और क्लासी से मिलकर तैयार होती है। इसे आप 6 ग्राम तक ले सकते हैं। यह हर मौसम में कमाल है. इसमें कोई भी अंग्रेजी दवा नहीं होती है, जबकि पेट के हाजमे को भी सही किया जाता है और कब्ज की बीमारी भी खत्म हो जाती है।
250 से भी अधिक रेस्तरां में है रेस्तरां
डॉक्टर ने बताया कि इसका इस्तेमाल डॉक्टर से सलाह लेकर किया जाए तो यह 250 से भी अधिक की शर्त को खत्म कर देता है। अधिक फास्ट फूड का खाना से या साधारण भोजन से पेट में बर्बादी हो जाती है। भूख न दिखने वाली यह विशेषता पेट के सभी बर्तनों को ख़त्म कर देती है और भूख की तलाश है। साथ ही उन्होंने बताया कि यह केशिश आयुष विंग्स हॉस्पिटल बिल्कुल मुफ्त में है।
(अस्वीकरण: इस खबर में बताई गई औषधि/औषधि और स्वास्थ्य बेनिटिट रेसिपी की सलाह, हमारे सिद्धांतों से की चर्चा का आधार है। यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं। हर व्यक्ति की आवश्यकताएं अलग-अलग हैं, इसलिए डॉक्टरों से सलाह के बाद ही, किसी भी चीज का उपयोग करें। कृपया ध्यान दें, लोकल-18 की टीम किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगी।)
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पहले प्रकाशित : 15 दिसंबर, 2023, 11:12 IST
