कोलकाता. पीके बनर्जी (पीके बनर्जी)चुन्नी गोस्वामी (चुन्नी गोस्वामी) जैसे महान भारतीय फुटबॉलर के साथ खेल चुके पूर्व भारतीय गोलकीपर सनत सेठ (सनथ सेट) उसने दुनिया को आखिरी बार कहा है। पिछले साल ही उनकी पैटनी का निधन हो गया था और अब स्कूटर भी दुनिया को अलविदा कह गया। सनत 91 वर्ष के थे और लम्बे समय से बीमार थे। सनत के इतिहास की बात करें तो वह 1954 एशियाई खेलों की टीम का हिस्सा थे। परिवार के दस्तावेज़ों के अनुसार वह आयु संबंधी सहयोगियों से परामर्श ले रहे थे। पूर्व फुटबॉलर का एक बेटा है.
सनत मनीला एशियाई खेलों की टीम का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें शुरुआती एकादश में खेलने का मौका नहीं मिला। 1949 से 1968 तक क्रांति में 2 महान फुटबॉलर पीके बनर्जी और चुन्नी गोस्वामी के साथ खेले थे। इब्राहिम और चुन्नी गोस्वामी ने सबसे पहले दुनिया को कहा था।
1949 में उन्होंने अपनी यात्रा का सफर तय किया था
सनत ने 1949 में ई आदर्शर्न रेलवे फुटबॉल क्लब के साथ अपनी यात्रा की शुरुआत की और इसके बाद 1951 में वे आर्यन रेलवे फुटबॉल क्लब से जुड़ गए। 1957 में ई मराठा बंगाल के लिए खेला गया और इसके अगले ही साल मोहन बाग में शामिल हो गए, जिसके लिए वो छह साल के लिए खेले। बंगाल के साथ 1953 और 1955 में संतोष संतोष ट्रॉफी का इतिहास। आर्यन आर्ट्स लैब के लिए चैलेंज का वादा करने के बाद वह 1956 के ओलंपिक टूर्नामेंट से असफल हो गए थे।
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अखिल भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी के अध्यक्ष बाकी पटेल शोक संदेश में कहा गया है कि यह बहुत दुख की बात है कि संत सेठ अब हमारे साथ नहीं हैं। भारतीय फुटबॉल के लिए उनका अमूल्य योगदान सदैव हमारा साथ बना रहे।
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पहले प्रकाशित : 25 दिसंबर, 2021, 12:07 IST
