रूपांशु चौधरी/हजारीबाग. कई फूलों में मनभावन सुगंध और प्राकृतिक के साथ-साथ कई प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं। प्राचीन काल में जब औषधि विकसित नहीं हुई थी। तब इन सब का भरपूर प्रयोग किया गया था. एक ही प्रकार की गेंदे के फूल में कई प्रकार के गुण पाए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी बैला फूल का प्रयोग कई चुनौतियों से लड़ने के लिए किया जाता है।
इस संबंध में पेट्रोकेला रोड महेश सोनी चौक पर स्थित पेट्रोकेल के औषधीय औषधि चिकित्सक आचार्य उपाध्याय कहते हैं कि गुलाल के औषधीय मिश्रण के कारण आयुर्वेद में कई नीबू का उपयोग किया जाता है। गेंदे के फूल में विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो कई प्रकार के फलों से बने होते हैं। जिनमें प्रमुख रूप से बाल स्कैल्प, डैंड्रफ, स्कैल्प में फंगस, दादू, खाज, खुजली शामिल हैं।
ऐसे करें उपयोग
डॉ. शिष्य के शिष्य हैं कि गेंदे के फूल, खाज, खुजली में सबसे पुराना उपाय है। इसके लिए गेंदे को अच्छे तरह के पीसकर दादू, खाज, खुजली वाली जगह पर लगा लें। वहीं, चोट लगने पर रक्त रोकथाम के लिए भी इसके पत्ते के रस का उपयोग किया जाता है। कई लोग इसका इस्तेमाल रक्त शुद्ध करने के लिए भी करते हैं। जिसमें लोग इसे पीस के पी सकते हैं. जिस खून में पेस्ट के कारण जो भी फोड़ा हो रहा है फुन्सी पासपोर्ट, वो ठीक हो गया। वहीं, फूल कर पिसेकर सिर में लगाने से बाल झड़ना और डैंड्रफ की समस्या भी खत्म हो जाती है।
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पहले प्रकाशित : 16 दिसंबर, 2023, 09:09 IST
