
इजरायली सेना ने अपने तीन नागरिकों को मारी गोली
इजराइल और हमास के बीच पिछले कई दिनों से युद्ध जारी है। इस युद्ध की वजह से हजारों लोगों की मौत हो गई। लाखों लोग नामांकित हैं। सैकड़ों लोग लापता हैं। इस दौरान इजराइल की सेना से शुक्रवार को बड़ी गलती हुई। अपने नागरिकों की निशानदेही पर अख्तियार की गई सेना ने जमीनी कार्रवाई के दौरान तीन लोगों को मारा। उन्हें लगा कि वह उनके दुश्मन हैं और उनके लिए खतरनाक हैं। हालाँकि जब पत्थरों के टुकड़ों की जांच की गई तो सभी के अवशेष नीचे से खिसक गए।
दुश्मन समझकर मारी गोली
सेना ने जिन तीन लोगों को दुश्मन समझकर गोली मारी थी, असल में वह इजराइल के ही नागरिक थे। इसके बाद सेना ने तीन मृतकों के परिवार से माफ़ी माँगते हुए अपनी गलती मानी है। इसके साथ ही परिवार की सहमति के बाद हीरे के बारे में जानकारी साझा की गई है। सेना ने बताया कि शेजैया में लड़ाई के दौरान योतम हैम, जिसे 7 अक्टूबर को हमास के हमलावर संगठन ने किबुत्ज़ कफ़र अज़ा से साउदी कर लिया था। वहीं दूसरा नागरिक समीर तलाल्का, जिसमें 7 अक्टूबर को हमास के हमलावर संगठन ने किबुत्ज़ नीर आम से अपहरण कर लिया था। इसके अलावा तीसरा नागरिक अलोन शमरिज़ है, जिसे 7 अक्टूबर को हमास नरसंहार संगठन द्वारा किबुत्ज़ कफ़र अज़ा से साउदी कर लिया गया था।
वहीं इस दुर्घटना के बाद आई डिफेक्ट ने तुरंत घटना की समीक्षा शुरू कर दी। मैं इस बात पर जोर देता हूं कि यह एक सक्रिय युद्ध क्षेत्र है जिसमें पिछले कुछ दिनों से लगातार लड़ाई हो रही है। घटना से सबक दिया गया है और आगे ऐसा ना हो इसके लिए सभी आवश्यक सावधानियां मंडप टेम्पलेट हैं। वहीं एक अन्य बयान में सेना ने कहा कि हम मृतकों के परिवार की पार्टी में अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। बयान में आगे कहा गया है कि हमारा मकसद लापता लोगों का पता लगाना और सभी बंधकों को घर वापस लाना है।
